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इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने पूर्णिया का दौरा किया। वे कटिहार में मखाना उत्पाद यूनिट के उद्घाटन के बाद यहां पहुंचे थे। पूर्णिया में उन्होंने मखाना उत्पाद से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान मखाना किसानों की समृद्धि और सहकारिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। दिलीप संघाणी ने कहा कि बिहार में विशेष रूप से पूर्णिया और सीमांचल का मखाना अब केवल राज्य या देश तक सीमित न रहकर एक वैश्विक प्रोडक्ट बन चुका है। मखाना उत्पादन में किसानों की मेहनत को देखते हुए इसे सहकारिता के माध्यम से और अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इफको अध्य्क्ष ने बताया कि मखाना के एमएसपी और मूल्य संवर्धन को लेकर बातचीत जारी है। देखें कुछ तस्वीरें… सीमांचल में मखाना बोर्ड कार्यालय स्थापित करने का आश्वासन
सीमांचल क्षेत्र में मखाना बोर्ड का कार्यालय या इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के सवाल पर संघाणी ने आश्वासन दिया कि वह इस विषय पर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह और संबंधित मंत्रालयों के समक्ष किसानों और स्थानीय प्रतिनिधियों की बात मजबूती से रखेंगे।
खाड़ी युद्ध-अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
इफको अध्य्क्ष दिलीप सांघवी ने देश में हाल के समय में खाद आपूर्ति में आई दिक्कतों पर चर्चा करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के कारण कच्चे माल की आपूर्ति और वैश्विक दरों पर असर पड़ा है। इसके बावजूद, इफको ने अपने शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करते हुए किसानों तक सुचारू रूप से खाद पहुंचाने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई विक्रेता खाद के साथ अन्य उत्पाद टैग करता है, तो उसकी शिकायत कृषि विभाग या इफको के क्षेत्रीय अधिकारियों से करें।

