
Sonbarsha Raj Fire Incident : रविवार की ढलती शाम सोनवर्षाराज नगर पंचायत के मनौरी गांव के लिए किसी बुरे सपने की तरह आई. जहां एक तरफ घरों में रात के खाने की तैयारी चल रही थी और चूल्हे जल रहे थे, वहीं अचानक उठी एक चिनगारी ने पल भर में तीन परिवारों की खुशियों और जिंदगी भर की कमाई को लील लिया.
रसोई गैस सिलेंडर से शुरू हुए एक मामूली से रिसाव ने देखते ही देखते ऐसा विकराल रूप धारण कर लिया कि जब तक कोई संभल पाता, तब तक तीन घर जलकर स्वाहा हो चुके थे. धुएं के काले गुबार और आग की लपटों के बीच चीख-पुकार मच गई और पूरा गांव दहशत के साये में आ गया.
रसोई से उठी लपटों ने पल भर में लिया विकराल रूप
यह दर्दनाक हादसा मनौरी गांव के निवासी पप्पू यादव के घर में घटित हुआ. रविवार की शाम घर की महिलाएं हमेशा की तरह रसोई में भोजन बनाने में जुटी थीं. इसी दौरान एलपीजी गैस सिलेंडर में अचानक रिसाव होने लगा. जब तक घर की महिलाओं को खतरे का अहसास होता और वे कुछ समझ पातीं, तब तक रिसाव के कारण आग भड़क उठी.
आग की तेज लपटों ने पलक झपकते ही पूरे मकान को अपनी आगोश में ले लिया. हवा के झोंकों के साथ लपटें इतनी बेकाबू हो गईं कि उन्होंने बगल में स्थित पड़ोसी मनीष यादव और अजीत यादव के ईंट और एस्बेस्टस से बने मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया.
तिनका-तिनका जोड़कर बनाया आशियाना हुआ राख, पीड़ित परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस भयावह अग्निकांड ने तीन हंसते-खेलते परिवारों को एक ही झटके में सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है. ईंट और एस्बेस्टस की दीवारों के नीचे रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया. घर में रखा अनाज, पहनने के कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और रोजमर्रा के इस्तेमाल का हर कीमती सामान जल गया.
पीड़ित परिवारों के अनुसार इस हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. अचानक हुए इस हादसे के बाद अब पप्पू यादव, मनीष यादव और अजीत यादव के परिवारों के सामने रहने और खाने का गंभीर संकट पैदा हो गया है. सिर छुपाने की छत छिन जाने और खून-पसीने से जोड़े गए सामान के जल जाने से पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
ग्रामीणों की एकजुटता और अग्निशमन सिलेंडर से टला बड़ा हादसा
गांव में आग लगने की खबर फैलते ही चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया. चीख-पुकार सुनकर मनौरी गांव के सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया.
ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए अग्निशमन सिलेंडर और पानी की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. ग्रामीणों की इस तत्परता और साहस की वजह से आग को पूरे मोहल्ले में फैलने से रोक लिया गया, वरना घना आबादी वाला यह क्षेत्र एक बहुत बड़े हादसे का शिकार हो सकता था.
Sonbarsha Raj Fire Incident :प्रशासनिक जवाबदेही और मुआवजे की आस में भटकते पीड़ित
घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक मदद का है. आशियाना उजड़ने के बाद बेघर हुए पीड़ित परिवारों ने राहत के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर आस भरी नजरों से देखना शुरू कर दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवारों ने सोनवर्षाराज के अंचलाधिकारी ललन चौधरी को लिखित आवेदन देकर सरकारी मुआवजे की गुहार लगाई है.
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भी अंचल प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता राशि, राशन और तिरपाल जैसी राहत सामग्री मुहैया कराई जाए ताकि वे इस कठिन समय में दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें.
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