Monday, June 15, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

ममता बनर्जी से छिन जायेगा तृणमूल का सिंबल! दीदी के करीबी अरूप बोले- बंगाल में खेला होबे

ममता बनर्जी से छिन जायेगा तृणमूल का सिंबल! दीदी के करीबी अरूप बोले- बंगाल में खेला होबे

TMC Controversy: तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद अरूप चक्रवर्ती ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी है. इसे ‘सुधारने’ की कोशिश कर रहे हैं. वे इसके चुनाव चिह्न पर भी दावा करेंगे. बागी सांसद ने कहा- एक नया खेल शुरू हो गया है. ‘खेला होबे’. उन्होंने दावा किया कि इस कदम से पश्चिम बंगाल में विकास और रोजगार आयेगा. इसके उलट, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने इस कदम को दलबदल विरोधी कानून के तहत अवैध करार दिया है.

20 सांसदों ने टीएमसी का एनसीपीआई में किया विलय

तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की. इन्होंने घोषणा की कि वे त्रिपुरा की एक पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई)में विलय कर रहे हैं.

ममता बनर्जी डरी हुई हैं : अरूप चक्रवर्ती

अरूप चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा- ममता बनर्जी डरी हुई हैं, वह पार्टी की बैठक तक नहीं बुला सकतीं. वह चुनाव से पहले अपने चुनाव क्षेत्र में एक बैठक भी नहीं कर पायीं. उन्होंने कहा कि काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंद्योपाध्याय उनके गुट के ‘नेता’ थे.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हमने तृणमूल नहीं छोड़ी है. हम तृणमूल में ही हैं और पार्टी को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी को नुकसान क्यों पहुंचा, इस पर कोई बात नहीं हो रही है. हम पार्टी के चुनाव चिह्न के लिए लड़ेंगे. हमारे पास 20 सदस्य हैं, तो हम चुनाव चिह्न के लिए क्यों न लड़ें?

अरूप चक्रवर्ती, बागी सांसद, तृणमूल कांग्रेस

पूरी राजनीतिक पार्टी का विलय होना चाहिए : सागरिका

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची में यह स्पष्ट है कि पूरी ‘राजनीतिक पार्टी’ का विलय होना चाहिए, न कि केवल संसद में उसके सांसदों का. इस अनुसूची को आम बोलचाल की भाषा में ‘दल-बदल विरोधी कानून’ कहा जाता है.

इसे भी पढ़ें : ‘दलबदलुओं को नकारें’ का नारा देने वाली पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को अपनाया, जानें पार्टी के बारे में

सागरिका घोष ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

सागरिका ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा- दो तिहाई बहुमत और दलबदल विरोधी कानून के बारे में बड़े पैमाने पर गलत जानकारी फैलायी जा रही है. सबसे पहले संसद के बाहर मौजूद राजनीतिक पार्टी (न कि संसद के अंदर बैठे पार्टी के प्रतिनिधि) का विभाजन या विलय होना चाहिए. इस शर्त के बाद, यदि दो-तिहाई सदस्य अलग होने का निर्णय लेते हैं, तो उन पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा.

ममता बनर्जी हैं तृणमूल की अध्यक्ष : सौगत रॉय

तृणमूल के वरिष्ठ नेता एवं सांसद सौगत रॉय ने कहा- अब यह स्पष्ट है कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस वह पार्टी है, जिसकी अध्यक्ष ममता बनर्जी हैं. इसका चुनाव चिह्न दो फूल है और इसका मकसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)को हराना है.

20 सांसदों का एनसीपीआई में शामिल होना गलत : रॉय

सौगत रॉय ने कहा कि तृणमूल के चुनाव चिह्न पर चुने गये 20 सांसदों ने एक अनजान एनसीपीआई में गैर-कानूनी तरीके से शामिल होकर (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने की घोषणा कर अपने मतदाताओं के साथ धोखा किया है. उन्होंने कहा- जाहिर है, उन लोगों ने ऐसा संविधान की अनुसूची 10(4) के प्रावधानों से बचने के लिए किया. लोग इसको देख रहे हैं.

इसे भी पढ़ें : टीएमसी के बागियों को कुचलने की आखिरी कोशिश, अभिषेक ने ओम बिरला को लिखा- TMC को एक पार्टी मानें

स्पीकर ओम बिरला से बोले बागी- हम अलग बैठेंगे

तृणमूल के बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष बिरला के साथ मुलाकात के दौरान सदन में बैठने की अलग व्यवस्था करने की मांग की, जबकि तृणमूल के संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वह अलग हुए गुट मान्यता न दें.

TMC Controversy: 6 बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी बागी गुट में

छह बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी रविवार को बागी गुट में शामिल हो गये. उन्होंने कहा कि बागी गुट ही असली तृणमूल कांग्रेस है और मान्यता और चुनाव चिह्न हासिल करने के लिए वह कानूनी लड़ाई लड़ेगा.

बंगाल विधानसभा और संसद में एक साथ लड़ रहे विधायक-सांसद

तृणमूल पर नियंत्रण की लड़ाई संसद और पश्चिम बंगाल विधानसभा, दोनों जगहों पर एक साथ लड़ी जा रही है. हाल ही में, पार्टी के 80 में से 64 विधायकों ने अलग होकर एक अलग विधायी समूह के तौर पर मान्यता हासिल कर ली और रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता मिली. ऐसी ही कोशिश दिल्ली में भी टीएमसी के सांसद कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें

टीएमसी संकट पर बोले डी राजा- ममता बनर्जी गहरे वैचारिक संकट में, कसम खाने वाले सांसद क्यों छोड़ रहे साथ?

गिरफ्तारी पर रोक के बाद सीआईडी ऑफिस पहुंचे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, जानें पूरा मामला

ममता बनर्जी को कल्याण के अल्टीमेटम से कालीघाट में खलबली, टीएमसी नेता बोले- अभिषेक को चुनें या हमें

बंगाल के सियासी भूचाल पर महुआ मोईत्रा का बड़ा धमाका, तृणमूल छोड़ने वालों को बताया ‘कचरा’

The post ममता बनर्जी से छिन जायेगा तृणमूल का सिंबल! दीदी के करीबी अरूप बोले- बंगाल में खेला होबे appeared first on Prabhat Khabar.

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles