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अररिया में गुरुवार को भाकपा माले की जिला कमेटी ने महंगाई पर रोक लगाने, बेरोजगारों को काम देने और जमीन संबंधी मामलों में गरीबों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली भी निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। रैली के समापन के बाद, मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अररिया के अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने “महंगाई रोको, बांधो दाम, नहीं तो होगा नींद हराम” और “दाम बांधो, काम दो” जैसे नारे लगाए। नेताओं ने बताया कि बढ़ती महंगाई से गरीब और मजदूर वर्ग सर्वाधिक प्रभावित है, और जमीन संबंधी मामलों में भी गरीब परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से रानीगंज, जोकीहाट, अररिया और फारबिसगंज अंचल के अंचलाधिकारियों से शिकमी जमीन से बेदखली पर रोक लगाने का आदेश देने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, पात्र लोगों को बासगीत पर्चा जारी करने का निर्देश देने की भी अपील की गई। पार्टी ने अररिया अंचल से संबंधित कथित अवैध नापी अभिलेख को 07 सितंबर 2026-27 को निरस्त करने और केस संख्या 743/2026-27 को भी रद्द करने का आदेश देने की मांग उठाई। भाकपा माले ने आरोप लगाया कि बासगीत पर्चा जारी करने और शिकमी जमीन को कायमी करने के मामलों में अंचल स्तर पर कथित लापरवाही बरती जा रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। इस धरना-प्रदर्शन में भीना देवी, बाबूलाल, तलू मरांडी, मझली देवी, मीना देवी, रामविलास यादव और इन्दरानंद पासवान सहित भाकपा माले के कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
