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महिला को रिनपास में भर्ती कराने पर कोर्ट ने अफसरों के आचरण की जांच का दिया आदेश


मां का आरोप: बेटी मानसिक रूप से बीमार महिला की मां ने कदमा थाना में एफआईआर दर्ज कर आरोप लगाया कि उनकी बेटी 2011 से मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसे इलाज के लिए पहले डेविस इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री तथा बाद में रिनपास कांके में भर्ती कराया गया था। वहीं, कोर्ट में उपस्थित रिनपास के निदेशक और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि महिला 26 जून 2025 से 16 अक्टूबर 2025 तक अस्पताल में भर्ती रही। इसके बाद उसकी मां के अनुरोध पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद वह फॉलो-अप इलाज के लिए अस्पताल नहीं आई। बावजूद रांची के मानसिक अस्पताल में भर्ती करा दिया। याचिका के अनुसार दोनों की मुलाकात वर्ष 2023 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी और परिवार की सहमति से रोका और शगुन की रस्में भी हो चुकी थीं। बाद में विवाह अक्टूबर 2024 में तय किया गया था। संपत्ति छोड़ने का था दबाव : याचिका में आरोप लगाया गया कि अगस्त 2024 में महिला के भाई ने ऑस्ट्रेलिया से आकर विवाह के लिए पैतृक संपत्ति में हिस्सा छोड़ने का दबाव डाला। मना करने पर कथित रूप से धमकियां दी गईं। इसके बाद 27 अगस्त 2024 को दोनों को कदमा थाना बुलाया गया, जहां महिला की मां ने आरोप लगाए। याचिकाकर्ता के अनुसार इसके कुछ दिन बाद महिला गायब हो गई और उसका मोबाइल बंद हो गया। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महिला को मानसिक अस्पताल में कथित रूप से अवैध तरीके से भर्ती कराने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को महिला और उसकी मां को अगली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के आचरण की भी जांच कराने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी। संपत्ति विवाद के कारण मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया : मामले में याचिकाकर्ता रंजीत सिंह ने हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दाखिल कर दावा किया कि उनकी मंगेतर (41 वर्ष) को उसके परिवार ने संपत्ति विवाद के कारण मानसिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद रांची के मानसिक अस्पताल में भर्ती करा दिया। याचिका के अनुसार दोनों की मुलाकात वर्ष 2023 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी और परिवार की सहमति से रोका और शगुन की रस्में भी हो चुकी थीं। बाद में विवाह अक्टूबर 2024 में तय किया गया था।

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