क्रा रांची झारखंड गठन के बाद पहली बार नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को रांची में 27 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर पुलिस के समक्ष भारी मात्रा में हथियार और कारतूस सौंपे। आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) के 25 और जेजेएमपी के 2 उग्रवादी शामिल हैं। इनमें कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड 5 लाख रुपये का इनामी सागेन आंगरिया भी है, जो 29 अप्रैल को सारंडा में हुई मुठभेड़ में घायल होने के बाद से इलाजरत था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सागेन कई बड़ी वारदातों का मुख्य सूत्रधार रहा है। मसलन, 5 जनवरी 2022 को गोइलकेरा में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हुए हमले में सागेन शामिल था, जहां नक्सलियों ने उनके दो बॉडीगार्ड्स की हत्या कर हथियार लूट लिए थे। 14 अगस्त 2023 को टोंटो के तुंबाहाका में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर किए गए हमले का मास्टरमाइंड सागेन और देवान थे। इस भीषण मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद हुए थे। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाला यह दस्ता क्षेत्र में कई घातक गतिविधियों में संलिप्त था। विस्फोटक लूट: मार्च 2023 में बड़ा जामदा क्षेत्र के मैगजीन हाउस से शीर्ष माओवादी नेताओं के साथ मिलकर इन नक्सलियों ने 7,000 डेटोनेटर और भारी मात्रा में बारूद लूटा था। सुरक्षा बलों पर हमले: जुलाई 2023 में लोवाबेडा में किए गए आईईडी ब्लास्ट में कोबरा 209 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके अलावा, जनवरी 2023 में राजाबासा आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में सीआरपीएफ के जवान सुशांत कुंटिया शहीद हो गए थे। हालिया गतिविधियां : मार्च 2025 में भी छोटानागरा के बलिबा में सुरक्षा बलों को रोकने के लिए नक्सलियों ने शक्तिशाली आईईडी ब्लास्ट किया था, जिसमें असिस्टेंट कमांडेंट समेत तीन जवान घायल हुए थे। जगुआर ने 17 साल में 118 नक्सली किया ढेर : जगुआर (एसटीएफ) ने पिछले 17 वर्षों में यानी 2008 से 2025 के बीच चलाए गए अभियानों में 118 नक्सलियों को ढेर किया, जबकि 324 को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। इस दौरान नक्सलियों के बड़े नेटवर्क को तोड़ते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी जब्त किए। आंकड़ों के मुताबिक 19 एकेएम, 27 इंसास, 33 एसएलआर, 1 एमएमजी, 7 एलएमजी, 6 कार्बाइन और 25 देशी हथियार बरामद किए गए।
मास्टरमाइंड था 5 लाख रुपए का इनामी सागेन, पूर्व विधायक पर जानलेवा हमला कर लूटा था हथियार
क्रा रांची झारखंड गठन के बाद पहली बार नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को रांची में 27 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर पुलिस के समक्ष भारी मात्रा में हथियार और कारतूस सौंपे। आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) के 25 और जेजेएमपी के 2 उग्रवादी शामिल हैं। इनमें कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड 5 लाख रुपये का इनामी सागेन आंगरिया भी है, जो 29 अप्रैल को सारंडा में हुई मुठभेड़ में घायल होने के बाद से इलाजरत था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सागेन कई बड़ी वारदातों का मुख्य सूत्रधार रहा है। मसलन, 5 जनवरी 2022 को गोइलकेरा में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हुए हमले में सागेन शामिल था, जहां नक्सलियों ने उनके दो बॉडीगार्ड्स की हत्या कर हथियार लूट लिए थे। 14 अगस्त 2023 को टोंटो के तुंबाहाका में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर किए गए हमले का मास्टरमाइंड सागेन और देवान थे। इस भीषण मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद हुए थे। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाला यह दस्ता क्षेत्र में कई घातक गतिविधियों में संलिप्त था। विस्फोटक लूट: मार्च 2023 में बड़ा जामदा क्षेत्र के मैगजीन हाउस से शीर्ष माओवादी नेताओं के साथ मिलकर इन नक्सलियों ने 7,000 डेटोनेटर और भारी मात्रा में बारूद लूटा था। सुरक्षा बलों पर हमले: जुलाई 2023 में लोवाबेडा में किए गए आईईडी ब्लास्ट में कोबरा 209 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके अलावा, जनवरी 2023 में राजाबासा आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में सीआरपीएफ के जवान सुशांत कुंटिया शहीद हो गए थे। हालिया गतिविधियां : मार्च 2025 में भी छोटानागरा के बलिबा में सुरक्षा बलों को रोकने के लिए नक्सलियों ने शक्तिशाली आईईडी ब्लास्ट किया था, जिसमें असिस्टेंट कमांडेंट समेत तीन जवान घायल हुए थे। जगुआर ने 17 साल में 118 नक्सली किया ढेर : जगुआर (एसटीएफ) ने पिछले 17 वर्षों में यानी 2008 से 2025 के बीच चलाए गए अभियानों में 118 नक्सलियों को ढेर किया, जबकि 324 को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। इस दौरान नक्सलियों के बड़े नेटवर्क को तोड़ते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी जब्त किए। आंकड़ों के मुताबिक 19 एकेएम, 27 इंसास, 33 एसएलआर, 1 एमएमजी, 7 एलएमजी, 6 कार्बाइन और 25 देशी हथियार बरामद किए गए।

