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‘पड़ोस का अंकित मुझे अक्सर परेशान करता था। मेरे घर के पास ही उसका भी घर है। तेज आवाज में स्पीकर पर अश्लील भोजपुरी गाना बजाता था। 31 जुलाई की सुबह करीब तीन-साढे तीन बज रहे होंगे, मैं उठी और टॉयलेट गई। वापस आने के बाद हैंडपंप चला रही थी, तभी अंकित अपने घर की खिड़की से कूदकर आया और मुंह बंद कर हमको उठा लिया। फिर खिड़की के रास्ते ही धक्का देकर रूम में गिरा दिया। थोड़ी देर के बाद मुझे रूम में ऊपर वाले बॉक्स में जबरदस्ती बैठा दिया और धमकी दी कि चिल्लाओगी तो अंजाम बहुत बुरा होगा। मैं काफी डर गई थी। शाम करीब 7 बजे तक भूखे बॉक्स में बैठी रही। आंगन में शोरगुल हुआ, पुलिस भी आई थी। इसके बाद मुझे बॉक्स से निकाला गया। अगले दिन शनिवार को मेडिकल कराया गया। मेडिकल कराने में काफी देर हो गई थी। जिसके कारण कोर्ट नहीं ले जाया गया, फिर सोमवार को पुलिस मुझे कोर्ट ले जा रही थी, मां और चाचा भी साथ में थे। बयान देकर निकलते ही पता चला कि मेरे इकलौते भाई गोलू की हत्या हो गई है।’ साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव की नाबालिग ने ये बातें दैनिक भास्कर से कही। लड़की के अपहरण का क्या मामला है? भाई की हत्या कैसे हुई? मां-बहन का क्या कहना है? पुलिस का इस मामले पर क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… सबसे पहले नाबालिग लड़की की भाई की हत्या के बारे में जानिए एक अगस्त को लड़की को बरामद किया गया, अगले दिन रविवार होने के कारण पुलिस ने नाबालिग का 164 का बयान दर्ज नहीं कराया। 3 अगस्त को पुलिस 164 के बयान दर्ज करवाने पीड़िता को कोर्ट लेकर जा रही थी। इस दौरान उसका भाई गोलू (18) बाइक से पुलिस की गाड़ी के पीछे-पीछे चल रहा था। रास्ते में आरोपियों ने गोलू को धमकी दी और कहा- बहन को बयान बदलने के लिए कहो, वर्ना तुम्हें कोर्ट जिंदा नहीं पहुंचने देंगे। गोलू फिर भी कोर्ट की ओर बढ़ता जा रहा था। तभी 2-3 बदमाशों ने गोलू की हत्या कर दी और फरार हो गए। गोलू की बाइक सड़क किनारे पड़ी थी। पहले सभी को लग रहा था कि ये एक्सीडेंट है, लेकिन 4 अगस्त को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। अंकित के परिवार वालों ने की गोलू की हत्या गोलू के चाचा सच्चिदानंद राय ने लाखो थाने में FIR दर्ज करवाई। पड़ोसी रंजीत कापर के बेटे अंकित कुमार समेत 8 लोगों पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सच्चिदानंद ने बताया कि अंकित के जेल भेजे जाने के बाद उसके पिता रंजीत कापर, चाचा विजय कापर, ऑफिसर कापर, घनश्याम कापर, अभिषेक कापर, मनीता देवी, राजेश कापर, लखमीनिया गांव के प्रिंस यादव, सहरसा के पतरघट के बाबुल यादव समेत दो-तीन लोगों ने गोलू कुमार को धमकी दी, कहा- बयान बदलवा कर केस उठवा दो। गोलू ने इंकार किया तो इन लोगों ने उसे हत्या की धमकी दी। ‘मुंह बांधकर बेटी को उठाकर ले गया’ मृतक गोलू की मां पूनम देवी ने बताया कि मैं अपनी दो बेटियों के साथ 31 जुलाई की रात सो रही थी। सुबह करीब तीन-चार बजे मेरी बेटी बाथरूम गई। लौटने के दौरान हैंडपंप चलाया तो आवाज सुनकर पड़ोसी अंकित मेरे आंगन में आया और बेटी का मुंह बांधकर उठा ले गया। थोड़ी देर के बाद बेटी नहीं लौटी, तो हम लोगों ने उसकी तलाश की। पड़ोसी अंकित और उसकी मां से पूछा, लेकिन किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। बेटी नहीं मिली तो हम लोग थाना गए। इसके बाद पुलिस पहुंची और कड़ाई पूछताछ की तो अंकित के घर में बने सीमेंट वाले बॉक्स में मेरी बेटी मिली। अंकित ने मेरी बेटी को दिनभर भूखे प्यासे बॉक्स में छिपा कर रखा था। सोमवार को बेटी का बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस कोर्ट ले गई थी। मैं भी साथ थी। पीछे से मेरा इकलौता बेटा गोलू बाइक से आ रहा था। आरोपियों ने लाखो थाना क्षेत्र में खातोपुर से पहले ही गोलू को रोका और धारदार हथियार से काटकर उसकी हत्या कर दी। जब सड़क पर बेटे की बाइक मिली तो पुलिस ने बाइक नंबर को ट्रेस कर हमलोगों को घटना की सूचना दी। हम लोगों ने अंकित और उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाया तो अंकित के परिजन घर छोड़कर फरार हो गए। ‘अंकित ने पहले मेरी बहन को उठाया, फिर मेरे इकलौते भाई को मार डाला’ गोलू की बहन ने बताया कि अंकित ने पहले मेरी छोटी बहन का अपहरण किया, फिर मेरे भाई की हत्या कर दी। भाई की हत्या के बाद हम लोग अंकित के घर में गए तो सब लोग घर छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने कुछ नहीं किया। हम लोगों की बात पुलिस ने नहीं सुनी। केस हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मृतक के चाचा सच्चिदानंद राय ने बताया कि 31 जुलाई को दिनभर हम लोग अंकित के चाचा से कहते रहे कि मेरी भतीजी आपके घर में ही है। लड़की वापस कर दीजिए, हम लोगों की इज्जत बच जाएगी, लेकिन उन्होंने मेरी भतीजी को वापस नहीं किया। इससे पहले हम लोगों ने भतीजी को साहेबपुर कमाल, उमेश नगर से लेकर मुंगेर घाट तक खोजते रहे, लेकिन वो कहीं नहीं मिली। गांव के लोगों ने भी अंकित के चाचा से कहा कि बच्ची वापस कर दो, लेकिन उसने गांव के लोगों की भी नहीं सुनी। ‘गोलू की मौत एक्सिडेंट लग रहा था, जांच में हत्या निकला’ बलिया डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि अंकित के खिलाफ लड़की को भगाने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की को बरामद किया और आरोपी लड़के को गिरफ्तार किया। आरोपी की गिरफ्तारी से उसके परिजन नाराज थे और केस उठाने का दबाव बना रहे थे। लकड़ी के परिजनों ने केस उठाने से इंकार किया तो लड़के के भाई की हत्या कर दी। गोलू की बहन को जिस लड़के ने उठाया था, उसका बहनोई लाखो थाना क्षेत्र में रहता है। उसी ने साथ मिलकर गोलू की हत्या की है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

