बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी जिलाध्यक्षों की सूची में मुजफ्फरपुर के लिए दो अलग-अलग नामों को जिलाध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया है, जिससे जिले के राजनीतिक भ्रम की स्थिति है। जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, अरविंद कुमार मुकुल को मुजफ्फरपुर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, कांटी के वर्तमान प्रखंड प्रमुख कृपा शंकर शाही का नाम भी इसी सूची में जिलाध्यक्ष के तौर पर दर्ज है। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कांग्रेस ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तर्ज पर मुजफ्फरपुर में संगठन को 2 भागों में विभाजित किया है, जैसा कि भाजपा ने पूर्वी और पश्चिमी जिलों में कर रखा है या फिर यह आलाकमान की ओर से हुई कोई बड़ी तकनीकी चूक है?
पार्टी ने कोई जानकारी नहीं दी पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर असमंजस है कि क्या एक ही जिले में दो जिलाध्यक्षों की घोषणा जानबूझकर की गई है। यदि यह विभाजन है, तो इसकी स्पष्ट सीमा रेखा क्या है, इस पर पार्टी ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है। सोशल मीडिया से लेकर चौक-चौराहों तक लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या कांग्रेस आलाकमान ने बिना पूरी तैयारी के यह सूची जारी की है। प्रखंड प्रमुख को सीधे जिलाध्यक्ष की सूची में शामिल करना चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है। कार्यकर्ता अब आलाकमान से स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं ताकि जिले की कमान किसके हाथ में है, यह साफ हो सके।