Monday, May 18, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

मुजफ्फरपुर में राजस्व अधिकारी निलंबित:लापरवाही-करप्शन का आरोप, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की चेतावनी के बाद पहली कार्रवाई


बिहार में जनता के काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की चेतावनी के बाद पहला बड़ा एक्शन मुजफ्फरपुर में देखने को मिला है, जहां कुढ़नी में पदस्थापित राजस्व अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उन पर कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने का आरोप था। धर्मेन्द्र कुमार पर कई आरोप लगे हैं। सरकार के आदेश का पालन नहीं करना, करप्शन करना। सरकार की ओर से मांगी गई रिपोर्ट को प्रस्तुत नहीं करना। जांच के बाद इन पर 92500 का दंड भी लगाया गया है। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के सबसे अधिक आरोप लगते रहे हैं। विभाग को “कैंसर” की तरह जकड़ चुकी इस समस्या का अब “एंटीबायोटिक” से इलाज शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ कई बार शिकायतें मिली थीं। यह कार्रवाई बाकी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी साफ संदेश है कि अब काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी तो सिर्फ शुरुआत है- मंत्री भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। जो अधिकारी जनता की फाइलें लटकाएंगे, समय पर काम नहीं करेंगे या लोगों को दफ्तरों के चक्कर कटवाएंगे, उनके खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने राजस्व भूमि सुधार विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई का अनुरोध किया था, जिसे राजस्व भूमि सुधार विभाग ने स्वीकार करते हुए अब धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दे दिया गया है।
तीन महीने की हड़ताल से काम प्रभावित मंत्री ने कहा कि लंबे समय तक चली हड़ताल के कारण विभागीय कार्य काफी पीछे चला गया है। अब अधिकारियों और कर्मियों को दिन-रात मेहनत कर लंबित मामलों का निष्पादन करना होगा। उन्होंने कहा कि जब मंत्री स्तर पर ईमानदारी से काम हो रहा है, तो अधिकारियों को भी अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाना पड़ेगा। 30 दिन में फाइल निपटाने का अल्टीमेटम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश दिया था कि किसी भी सरकारी फाइल का निष्पादन हर हाल में 30 दिनों के भीतर होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि 31वें दिन संबंधित अधिकारी खुद को निलंबित समझें। मुख्यमंत्री ने “सहयोग पोर्टल” और हेल्पलाइन नंबर 1100 की शुरुआत करते हुए कहा था कि अब जनता को दफ्तर-दफ्तर भटकाने की संस्कृति खत्म करनी होगी। सरकार ने फाइलों के निष्पादन की निगरानी के लिए चरणबद्ध व्यवस्था भी तय की है। अधिकारियों को 10वें, 20वें और 25वें दिन चेतावनी नोटिस दी जाएगी। इसके बावजूद काम लंबित रहने पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles