Friday, June 5, 2026

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मुजफ्फरपुर हादसे के बाद अलर्ट मोड में स्वास्थ्य विभाग:औरंगाबाद सदर अस्पताल में बढ़ाई गई सतर्कता, आईसीयू की सुरक्षा-व्यवस्था की हुई समीक्षा


मुजफ्फरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई। करीब 20 लोग घायल हैं। इस घटना के बाद पूरे बिहार में स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस हादसे ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद औरंगाबाद सदर अस्पताल प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। आईसीयू की सुरक्षा व्यवस्था की विशेष समीक्षा की जा रही है। अस्पताल उपाधीक्षक आशुतोष कुमार, प्रबंधक उषा कुमारी समेत अन्य चिकित्साकर्मियों ने आईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि सभी पांचों बेड पर मरीज थे। उनकी देखभाल में नर्सिंग स्टाफ पूरी तत्परता से जुटा हुआ था। प्रबंधन ने दावा किया कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मुजफ्फरपुर हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन अलर्ट प्रबंधक उषा ने बताया कि सदर अस्पताल का आईसीयू अपेक्षाकृत छोटा है और यहां केवल पांच बेड की व्यवस्था है। यहां मुजफ्फरपुर जैसी घटना होने की संभावना काफी कम है, क्योंकि सुरक्षा मानकों का नियमित रूप से पालन किया जाता है। फिर भी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन पूरी तरह तैयार है। अगर कभी आग लगने जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो सबसे पहले अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्डों की मदद से मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर तत्काल काबू पाने का प्रयास किया जाएगा। कर्मियों को भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए समय-समय पर आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की होती है नियमित जांच अस्पताल प्रबंधक ने कहा कि आईसीयू में लगे सभी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की नियमित जांच कराई जाती है। एयर कंडीशनिंग, मॉनिटर, वेंटिलेटर और अन्य महत्वपूर्ण मशीनों की कार्य क्षमता पर लगातार नजर रखी जाती है। किसी भी उपकरण में मामूली खराबी या तकनीकी समस्या सामने आने पर उसे तत्काल बदलने या मरम्मत कराने की व्यवस्था की जाती है, ताकि मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों। मुजफ्फरपुर की घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। ऐसे में औरंगाबाद सदर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। भविष्य में भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को रोका जा सके।

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