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लखीसराय में मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड सड़क प्रोजेक्ट को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रगतिशील किसान मोर्चा के बैनर तले जमा हुए किसानों ने साफ कहा कि वे सड़क निर्माण के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मांग है कि सड़क बनने के साथ उनकी जमीन, खेती और आने-जाने की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए। किसानों ने एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क के साथ पर्याप्त एप्रोच रोड और दोनों तरफ सर्विस रोड बनाने की मांग की। सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा की मांग उनका कहना है कि सिक्स लेन सड़क के साथ करीब 18 फीट चौड़ी सड़क भी बनाई जाए, ताकि वे आसानी से अपने खेतों तक पहुंच सकें। इसके अलावा, सड़क पर पर्याप्त चढ़ने-उतरने की व्यवस्था और प्रतिबंधित क्षेत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के हिसाब से इंतजाम करने की मांग की गई। भूमि अधिग्रहण को लेकर भी किसानों ने कई मांगें रखीं। उनकी मांग है कि मुआवजा साल 2026 के तय सर्किल रेट के आधार पर दिया जाए। टोल टैक्स से छूट देने की मांग की किसानों ने यह भी कहा कि मुआवजा देने से पहले जमीन पर काम शुरू न किया जाए और संबंधित किसान से NOC ली जाए। किसानों ने बकास्त जमीन के रैयती अधिकार को साफ करने, पर्यावरण नियमों के हिसाब से पेड़ लगाने और फसलों को नुकसान से बचाने की मांग भी की। साथ ही, अधिग्रहण की गई जमीन के किसानों को जिंदगी भर के लिए टोल पास और पूरे बिहार में टोल टैक्स से छूट देने की मांग की गई। आने-जाने के हितों का भी पूरा ध्यान किसानों ने प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी समय-समय पर देने और सरकार की बैठकों में NHAI और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी पक्की करने की भी मांग की। किसानों ने साफ किया कि वे विकास के पक्ष में हैं, लेकिन प्रोजेक्ट के साथ उनकी जमीन, खेती और आने-जाने के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड सड़क पर किसानों का प्रोटेस्ट:लखीसराय में जमीन-खेती और आने-जाने की सुविधाओं की मांग
