मोतिहारी नगर निगम में डिज्नीलैंड मेले के टेंडर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि 54 लाख रुपए का टेंडर मात्र 14 लाख रुपए में दिया गया, जिसके बाद सदर एसडीओ द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न मिलने पर इसे रद्द कर दिया गया। इस मामले में मेयर, उप मेयर, स्टैंडिंग कमेटी और बड़े वार्ड पार्षदों की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।
सदर एसडीओ निशांत सिहारा द्वारा एनओसी नहीं दिए जाने के बाद नगर आयुक्त आशीष कुमार ने टेंडर रद्द कर दिया। हालांकि, टेंडर रद्द होने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि आखिर किसके दबाव में इतनी कम राशि पर टेंडर दिया गया था। यह पूरा मामला अब भी जांच का विषय बना हुआ है। 32 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से दिया टेंडर मोतिहारी नगर निगम ने नगर भवन मैदान में डिज्नीलैंड मेले के आयोजन के लिए 41 दिनों का टेंडर 32 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से दिया था। जबकि पिछले वर्ष इसी मेले का टेंडर 1 लाख 75 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से दिया गया था, जो मौजूदा दर से काफी अधिक था।
मामले की जानकारी मिलने पर नगर आयुक्त आशीष कुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने पूरी टेंडर प्रक्रिया को नियमसंगत बताया। उनके अनुसार, टेंडर के लिए तीन अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, जिसमें आठ लोगों ने भाग लिया। अंत में 32 हजार रुपए की उच्चतम बोली लगाने वाले को टेंडर दिया गया।
जब नगर आयुक्त से पूछा गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष टेंडर की दर में भारी कमी से नगर निगम को हुए संभावित नुकसान को कम करने के लिए क्या प्रयास किए गए, तो उन्होंने बताया कि समय कम होने के कारण टेंडर रद्द कर पुनः बोली की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकी। मेयर-उप मेयर ने साधा चुप्पी
इस टेंडर प्रकरण में कथित ‘मैनेजमेंट’ के पीछे कौन है, यह अब भी एक बड़ा सवाल है। मेयर, उप मेयर, स्टैंडिंग कमेटी और बड़े वार्ड पार्षद इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। तभी तो नगर निगम को उतना बड़ा चूना लगा फिर भी किसी ने मुंह तक खोलने का प्रयास नहीं किया, जिससे साफ़ लगता है की पूरा मामला सेट है।

