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मोतिहारी के बापू सभागार में मंगलवार को बिहार ग्रामीण बैंक के तत्वावधान में जनप्रतिनिधि समन्वय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले की विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ बिहार ग्रामीण बैंक की सभी 86 शाखाओं के शाखा प्रबंधकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बैंक और पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति देना था। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर कार्यक्रम में बिहार ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभागीय बैठक और जनप्रतिनिधि समन्वय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक की ओर से संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंक और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय और साझेदारी जरूरी है। दोनों संस्थाएं मिलकर काम करें तो किसानों, महिलाओं, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। बैंकिंग सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने की अपील क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार ने बैंक और पंचायतों के बीच सहयोगात्मक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव कार्यक्रम के दौरान खुले मंच का आयोजन भी किया गया। इसमें विभिन्न पंचायतों के मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बैंकिंग सेवाओं को सरल, पारदर्शी और ग्रामीण हितों के अनुरूप बनाने को लेकर अपने सुझाव रखे। बैंक अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिलाया। जनप्रतिनिधियों को किया गया सम्मानित कार्यक्रम के अंत में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्वी चंपारण मुखिया संघ के अध्यक्ष शशि भूषण सिंह सहित जिले की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और सभी 86 शाखाओं के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इसे ग्रामीण विकास के लिए बैंक और पंचायतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
