Monday, May 11, 2026

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मोहिनीअट्टम में विष्णु के मोहिनी अवतार को देख दर्शक भावविभोर, झूमर नृत्य ने मोहा मन

सिटी रिपोर्टर|रांची खेलगांव के स्टेट म्यूजियम सभागार में रविवार को सैकड़ों कलाकारों ने मंच पर सांस्कृतिक छटा बिखेरी। इंडिया इंटरनेशनल डांस फेस्टिवल में 18 राज्यों से आए 160 कलाकारों ने नृत्य की 20 विविध शैलियों का मनमोहक प्रदर्शन किया। कलाकारों ने करतल ध्वनियों के बीच एक-एक लय, एक-एक छंद, एक-एक टुकड़े ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। केरल का मोहिनीअट्टम, उत्तर भारत का कत्थक, दक्षिण भारत का भरतनाट्यम से लेकर झारखंड के झूमर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। आयोजन समस्कृतिकी-नृत्यशाला की ओर से किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत कलामंडलम सृजा कृष्णन की मोहिनीअट्टम से हुई। इसमें भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार का वर्णन किया गया। जिसमें उनका स्त्री सौंदर्य, उनकी कोमलता और भक्ति को प्रस्तुत किया गया। साथ ही हस्त लक्षण दीपिका ग्रंथ से ली गई 24 मुख्य हस्त मुद्राओं की भी इस नृत्य में प्रस्तुति की गई। इसके बाद गीतांजलि डांस इंस्टीट्यूशन की डॉ. चंद्र शालिनी कुजूर, रेशमा तिर्की, अंशिका घोष, नम्रता विश्वास, आयुषी सिंह, रिंकू कुमारी, अपराजिता करण, अदिति मिंज ने बिहू का प्रदर्शन किया। इसमें फसल की बुआई के समय प्रकृति, उर्वरता और सामाजिक एकता को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। जमशेदपुर के संगीत समागम से पहुंची कश्यपी ने स्केट बोर्ड पर वेस्टर्न डांस फॉर्म की प्रस्तुति दी। जिसमें उसने महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। सूची स्मिता ने भरतनाट्यम नृत्यशैली की बारीकियों को बताया। सुष्मिता सेन बिस्वास, मैमोनी मंडल, स्तुति केडिया ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। इसमें भाव, राग और ताल का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत किया गया। इसी नृत्य शैली में 52 हस्त मुद्राओं से विभिन्न भावों को अभिव्यक्त भी किया गया। विघार्थियों ने अलग-अलग ग्रुप में कथक नृत्य की तीन प्रस्तुतियां दीं। इनमें भगवान राम के कृपालु स्वभाव, दिव्य सौंदर्य और रक्षक रूप का वर्णन किया गया। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि झारखंड के कमर्शियल टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रीतम कुमार लाला रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से इंटर स्टेट रिलेशनशिप भी बेहद मजबूत होते हैं। नृत्यशाला की संस्थापक और आईआईडीएफ रांची की संयोजक मोनिका डे ने कहा कि आईआईडीएफ का पहली बार रांची में होना गर्व और हर्ष का विषय है। समापन सत्र के मुख्य अतिथि संस्कृति निदेशालय के निदेशक आसिफ एकराम रहे। आगंतुकों में जर्मनी से डॉ. ईस्थर, वरिष्ठ कलाकार श्यामा प्रसाद नियोगी, सेवानिवृत आईपीएस संजय रंजन सिंह, अभिलाषा दास, धर्मेंद्र तिवारी, भारतेंदु झा, डेबूप्रिय चौधरी, मोनिका मुंडू, मालविका, आलोक गुप्ता एवं प्रदेश के कला जगत के कई दिग्गज कलाकार मौजूद रहे। रांची में पहली बार आयोजन

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