औरंगाबाद समाहरणालय स्थित योजना भवन सभाकक्ष में सोमवार को डीएम अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में धान और गेहूं अधिप्राप्ति, सीएमआर आपूर्ति और लंबित मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सीएमआर आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले राइस मिलरों को एफआईआर और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी। बैठक में सबसे पहले धान अधिप्राप्ति और सीएमआर आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 26 के तहत 18091.847 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति चयनित समितियों की ओर से की गई है। इसके समतुल्य 123013.26 मीट्रिक टन सीएमआर राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति किया जाना है, लेकिन अभी तक 75120.944 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति की गई है। जो कुल लक्ष्य का 61. 07 प्रतिशत है। अभी 47892.312 मीट्रिक टन सीएमआर का आपूर्ति किया जाना शेष है। 8 राइस मिल में लंबित है भारी मात्रा में सीएमआर समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई राइस मिलों की ओर से निर्धारित क्षमता के अनुरूप सीएमआर जमा नहीं किया गया है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए मां अम्बे, ओम कृषि, आयुष, देवंती, रवि मिनी, नारायण, उमंगेश्वरी और कुंज बहार राईस मिल के संचालकों से कारण पूछा। निर्देश दिया कि तीन से चार दिनों के भीतर सीएमआर आपूर्ति में सुराध करें, नहीं तो एफआईआर होगी। जिला पदाधिकारी ने उन पैक्सों और राइस मिलों पर भी नाराजगी जताई, जिन्होंने अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य नहीं किया है। समीक्षा के दौरान ओबरा, रफीगंज और गोह प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी रामयतन कुमार, प्रेम कुमार, अरुण कुमार एवं विकास कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति कराएं। भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश बैठक में 10 दिनों से अधिक समय से लंबित एक्सेप्टेंस ऑर्डर मामलों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित समितियों, मिलरों और सहकारिता पदाधिकारियों को समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। वहीं, सीएमआर की राशि विभाग की ओर से कम उपलब्ध कराए जाने पर डीएम ने असंतोष जताया। उन्होंने जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निर्देशित किया कि विभाग से समन्वय स्थापित कर लंबित राशि जल्द प्राप्त करें और भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाएं। साथ ही उपलब्ध राशि का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर तेजी से सीएमआर आपूर्ति करने वाली समितियों को करने का निर्देश दिया।
गेहूं अधिप्राप्ति की भी की गई समीक्षा बैठक में गेहूं अधिप्राप्ति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत गेहूं अधिप्राप्ति लक्ष्य पूरा किया जाए और अधिप्राप्त गेहूं की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को समय पर कराई जाए। बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक, सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक, राइस मिलर और पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे।


