Friday, April 24, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

राजधानी के श्रीराम मंदिरों में होगा भगवान श्रीराम व माता सीता का विशेष शृंगार, अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनें रखेंगी व्रत

.

रांची | झारखंड मैथिली मंच की ओर से 25 अप्रैल को विद्यापति दलान में जानकी नवमी धूमधाम से मनाई जाएगी। आयोजन में माता सीता के जन्मोत्सव के अवसर पर भजन संध्या के साथ गीत-नृत्य का विशेष आकर्षण रखा गया है, जिसमें स्थानीय कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

मंच के अध्यक्ष विनय कुमार झा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखते हुए नई पीढ़ी को मैथिली लोकधुनों और भक्ति-परंपरा से जोड़ना है। महासचिव जयंत कुमार झा ने बताया कि सीता के रूप में सजकर आने वाली बच्चियों को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में उपाध्यक्ष बाबूलाल झा, बद्रीनाथ झा, अरुण कुमार झा, प्रेमचंद्र झा, संतोष मिश्र, आत्मेश्वर झा, मकर चौधरी उपस्थित थे। माता सीता के जन्मोत्सव के अवसर पर भक्त ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर घरों की शुद्धि करते हैं। पूजा के दौरान माता जानकी को विशेष रूप से लाल पुष्प, ताजे फल, नवीन वस्त्र और संपूर्ण शृंगार सामग्री अर्पित की जाती है।

इस दिन भक्त प्रभु श्रीराम और माता सीता की आराधना कर अपने वैवाहिक जीवन में शक्ति और समृद्धि का वरदान मांगते हैं। सिटी रिपोर्टर | रांची राजधानी में श्री जानकी जयंती (सीता नवमी) का पावन पर्व 25 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा। ज्योतिष शालिनी वैद्य ने बताया कि बैसाख महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार इस बार श्लेषा नक्षत्र और रवि, सिद्ध व यायीजय योग के दुर्लभ संयोग में आ रहा है। नवमी तिथि 24 अप्रैल को रात्रि 11.29 बजे से प्रारंभ होगी, वहीं 25 अप्रैल को रात 09.44 बजे समाप्त होगी। विवाहित महिलाओं के लिए इस दिन का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जो अपने अखंड सौभाग्य और पारिवारिक सुख-शांति की मंगलकामना के साथ निर्जला उपवास रखती हैं।

भगवान श्रीराम के साथ माता सीता की िवधिवत पूजा-अर्चना करती हैं। {सर्जना चौक श्रीराम मंदिर : जानकी नवमी पर प्रभु श्रीराम और माता सीता का भव्य शृंगार किया जाएगा। विशेष पूजन के बाद माता को नौ प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। {तपोवन मंदिर : तपोवन मंदिर में जानकी नवमी इस वर्ष भी भव्य रूप से मनाई जाएगी। महंत ओम प्रकाश शरण ने कहा कि जानकी नवमी पर सुबह पूजा-अर्चना व महाआरती की जाएगी। भगवान को भोग अर्पित कर भक्तों के बीच वितरण किया जाएगा। {चुटिया प्राचीन श्रीराम मंदिर : यहां सुबह से ही कई धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। मंदिर की साज-सज्जा की जा रही है। पूजा के उपरांत विशेष भोग का वितरण किया जाएगा। {धुर्वा श्रीराम मंदिर : मंदिर में महिलाओं के पूजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यहां सामूहिक रूप से माता जानकी की आरती और विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles