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राजमहल लोकसभा सांसद विजय हांसदा ने पाकुड़ जिला मुख्यालय के परिषदन भवन में एसआईआर (SiR) मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करने के लिए मुस्तैद हैं कि वास्तविक मतदाताओं (जेनुइन वोटर) के नाम मतदाता सूची में बने रहें। सांसद हांसदा एक दिवसीय दौरे पर पाकुड़ पहुंचे थे। सांसद विजय हांसदा ने पश्चिम बंगाल और असम चुनावों के साथ-साथ एसआईआर के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने बताया कि राज्य में एसआईआर (SiR) प्रक्रिया शुरू होने वाली है। झामुमो कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सजग रहें। विजय हांसदा ने जानकारी दी कि इस मुद्दे पर केंद्रीय समिति के साथ-साथ जिला समिति की बैठकें भी हो चुकी हैं। इन बैठकों में कार्यकर्ताओं को कई प्रकार की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि एसएआर को लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को पूरी तरह से सजग और चौकस किया जा रहा है। उन्हें एसएआर के तहत आवश्यक जानकारी और फॉर्म भरने के तरीके के बारे में बताया जा रहा है, ताकि वे लोगों को जागरूक कर सकें। सांसद ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वहां एसएआर प्रक्रिया में छोटे बदलावों के कारण लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए थे, जिनमें बड़े अधिकारियों के नाम भी शामिल थे। सांसद हांसदा ने स्पष्ट किया कि झामुमो एसएआर का विरोधी नहीं है, लेकिन इस प्रक्रिया में अपनाई जा रही तकनीक का विरोध करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक मतदाताओं के नाम न कटें, यही झारखंड मुक्ति मोर्चा का मुख्य उद्देश्य है। पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा फीडबैक मिल रहा है कि ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का समर्थन हमेशा संविधान बचाने वाली पार्टी को रहा है। हांसदा ने बताया कि पश्चिम बंगाल के लोग आपस में मिलकर रहते हैं और इस बार भी उन्होंने इसी भावना के साथ मतदान किया है। इस अवसर पर झामुमो के जिला अध्यक्ष अजीजुल इस्लाम भी मौजूद थे।

