हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के पसई गांव में राजेश साव की संदिग्ध अवस्था में मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए। घटना के लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजेश साव की मौत सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। हर बार केवल आश्वासन ही मिला: पत्नी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाता, तो उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। मृतक की पत्नी ने बताया कि पिछले दो महीनों से उनका परिवार न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे परिवार में असुरक्षा का माहौल है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। हालांकि, ग्रामीण त्वरित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
राजेश साव की संदिग्ध अवस्था में मौत मामला:दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों ने सड़क जाम कर की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के पसई गांव में राजेश साव की संदिग्ध अवस्था में मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए। घटना के लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजेश साव की मौत सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। हर बार केवल आश्वासन ही मिला: पत्नी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाता, तो उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। मृतक की पत्नी ने बताया कि पिछले दो महीनों से उनका परिवार न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे परिवार में असुरक्षा का माहौल है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। हालांकि, ग्रामीण त्वरित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


