Saturday, May 16, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

राज्यपाल रवि ने बंगाल को बताया नेतृत्वकर्ता, कलकत्ता विश्वविद्यालय को दिलायी अनुसंधान की याद

राज्यपाल रवि ने बंगाल को बताया नेतृत्वकर्ता, कलकत्ता विश्वविद्यालय को दिलायी अनुसंधान की याद

Calcutta University : कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि ने कहा कि भारत 2047 में विज्ञान, अनुसंधान एवं बौद्धिक अधिकारों के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बन जाएगा तथा समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत वाला बंगाल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. राज्यवाल रवि ने यहां कलकत्ता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 2,000 वर्षों तक भारत ज्ञान, अनुसंधान, चिकित्सा और संस्कृति के क्षेत्र में विश्व में पहले स्थान पर रहा, लेकिन 19वीं शताब्दी से ही अन्य देशों से पिछड़ते हुए इसकी रैंकिंग में गिरावट आई है. उन्होंने कहा- सदियों से हम एक समृद्ध सभ्यता रहे हैं. जब अमेरिका और इंग्लैंड का अस्तित्व नहीं था, तब भारत 2000 वर्षों तक एक शक्तिशाली देश था.

परिवर्तन की प्रक्रिया 12 वर्षों में हुई तेज

रवि ने कहा कि 15 अगस्त 2047 तक भारत फिर से विश्व में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा. उन्होंने स्नातक और शोधार्थियों से आह्वान किया कि उस दिन वे स्वयं से पूछें कि देश की इस यात्रा में उनका क्या योगदान रहा. राज्यपाल रवि ने कहा कि देश इस समय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस यात्रा में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में इस परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हुई है और कलकत्ता विश्वविद्यालय को भी इस दिशा में खुद को आगे बढ़ाना चाहिए. बंगाल का जिक्र करते हुए रवि ने इसे बंकिम चंद्र चटर्जी की भूमि बताया, जिन्होंने राष्ट्रगीत ”वंदे मातरम” की रचना की थी, और रवींद्रनाथ टैगोर की भूमि बताया, जिन्होंने हमें राष्ट्रगान ”जन गण मन” का उपहार दिया था.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुनः प्राप्त करें गौरवशाली स्थान

बंगाल के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रवि ने कहा- बंगाल स्वामी विवेकानंद की जन्मभूमि है, जिनके शिकागो भाषण ने पश्चिम में भारत के बारे में फैली गलत धारणा को दूर किया और दुनिया को इसकी समृद्ध आध्यात्मिक, ऐतिहासिक विरासत और अतीत से अवगत कराया. रवि ने श्री अरबिंदो का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता के बाद भारत के अपने गौरवशाली स्थान को पुनः प्राप्त करने की बात कही थी. कलकत्ता विश्वविद्यालय ने छह वर्षों के बाद अपने कॉलेज स्ट्रीट परिसर में दीक्षांत समारोह आयोजित किया. इस समारोह में 2024 से 2026 के बीच डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी करने वाले लगभग 1,100 शोधार्थियों को उनकी उपाधियां प्रदान की गईं.

Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला

The post राज्यपाल रवि ने बंगाल को बताया नेतृत्वकर्ता, कलकत्ता विश्वविद्यालय को दिलायी अनुसंधान की याद appeared first on Prabhat Khabar.

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles