रामगढ़ पुलिस ने एक और साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 29 मई को सूर्या नगर, रोड नंबर-04, रामगढ़ निवासी निखिल कुमार (27) को उसके घर से पकड़ा। उस पर फर्जी सिम का उपयोग कर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध थाना में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान हुई। इससे पहले, पुलिस ने विकास कुमार उर्फ विकास यादव (27) को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विकास के बयान में निखिल कुमार की संलिप्तता सामने आई थी। रामगढ़ एसपी को मिली सूचना के आधार पर, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इसी दल ने निखिल कुमार को गिरफ्तार किया। निखिल की तलाशी लेने पर उसके पास से चार एंड्रॉयड फोन बरामद हुए, जिनमें चार फर्जी सिम कार्ड लगे थे। तकनीकी शाखा से सत्यापन कराने पर सभी सिम फर्जी पाए गए। जांच में पता चला कि बरामद मोबाइलों में से एक का उपयोग शिकायतकर्ता के खाते का मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और नेट बैंकिंग सक्रिय करने में किया गया था। इसके बाद लाखों रुपये की अवैध/साइबर अपराध की राशि मंगवाई गई थी। बरामद सामानों में दो फर्जी सिम वाला रियलमी कंपनी का एंड्रॉयड फोन, दो फर्जी सिम वाला रेडमी कंपनी का एंड्रॉयड फोन और इंटरनेट कॉलिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो सैमसंग कंपनी के एंड्रॉयड फोन शामिल हैं।
रामगढ़ पुलिस ने साइबर अपराधी को पकड़ा:फर्जी सिम से करता था ऑनलाइन धोखाधड़ी, चार एंड्रॉयड फोन बरामद
रामगढ़ पुलिस ने एक और साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 29 मई को सूर्या नगर, रोड नंबर-04, रामगढ़ निवासी निखिल कुमार (27) को उसके घर से पकड़ा। उस पर फर्जी सिम का उपयोग कर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध थाना में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान हुई। इससे पहले, पुलिस ने विकास कुमार उर्फ विकास यादव (27) को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विकास के बयान में निखिल कुमार की संलिप्तता सामने आई थी। रामगढ़ एसपी को मिली सूचना के आधार पर, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इसी दल ने निखिल कुमार को गिरफ्तार किया। निखिल की तलाशी लेने पर उसके पास से चार एंड्रॉयड फोन बरामद हुए, जिनमें चार फर्जी सिम कार्ड लगे थे। तकनीकी शाखा से सत्यापन कराने पर सभी सिम फर्जी पाए गए। जांच में पता चला कि बरामद मोबाइलों में से एक का उपयोग शिकायतकर्ता के खाते का मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और नेट बैंकिंग सक्रिय करने में किया गया था। इसके बाद लाखों रुपये की अवैध/साइबर अपराध की राशि मंगवाई गई थी। बरामद सामानों में दो फर्जी सिम वाला रियलमी कंपनी का एंड्रॉयड फोन, दो फर्जी सिम वाला रेडमी कंपनी का एंड्रॉयड फोन और इंटरनेट कॉलिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो सैमसंग कंपनी के एंड्रॉयड फोन शामिल हैं।

