रामगढ़ थाना क्षेत्र के हेसला महुआ टांड़ गांव में 15 वर्षीय किशोरी की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान रोशनी कुमारी, पिता सुनील बेदिया के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रोशनी गांव के अन्य बच्चों के साथ पास स्थित बंद खदान के गड्ढे में नहाने गई थी। नहाने के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया। वह गहरे पानी में चली गई। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगी, जिससे मौके पर मौजूद बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। सीपीआर देकर बचाने की कोशिश नाकाम घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद रोशनी को पानी से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने के लिए तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) भी दिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 10-15 साल से बंद खदान बना खतरा बताया जा रहा है कि जिस खदान में यह हादसा हुआ, वह करीब 10 से 15 साल पहले बंद हो चुकी है। हालांकि, इसके कई हिस्से अब भी खुले हैं, जहां बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। गांव के लोग अक्सर इन गड्ढों में नहाने और अन्य कार्यों के लिए जाते हैं। यही लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। कुछ दिन पहले ही सिरका चपरी क्षेत्र में भी कोयला निकालने गए चार लोगों की दम घुटने से मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में पहले से ही भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से की गड्ढों को भरवाने की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी खदान गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, प्रशासन से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग तेज हो गई है।
रामगढ़ में खदान में डूबने से किशोरी की मौत:वर्षों पुराना बंद खदान में नहाने गई थी, सीपीआर देकर बचाने की कोशिश नाकाम
रामगढ़ थाना क्षेत्र के हेसला महुआ टांड़ गांव में 15 वर्षीय किशोरी की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान रोशनी कुमारी, पिता सुनील बेदिया के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रोशनी गांव के अन्य बच्चों के साथ पास स्थित बंद खदान के गड्ढे में नहाने गई थी। नहाने के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया। वह गहरे पानी में चली गई। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगी, जिससे मौके पर मौजूद बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। सीपीआर देकर बचाने की कोशिश नाकाम घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद रोशनी को पानी से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने के लिए तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) भी दिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 10-15 साल से बंद खदान बना खतरा बताया जा रहा है कि जिस खदान में यह हादसा हुआ, वह करीब 10 से 15 साल पहले बंद हो चुकी है। हालांकि, इसके कई हिस्से अब भी खुले हैं, जहां बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। गांव के लोग अक्सर इन गड्ढों में नहाने और अन्य कार्यों के लिए जाते हैं। यही लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। कुछ दिन पहले ही सिरका चपरी क्षेत्र में भी कोयला निकालने गए चार लोगों की दम घुटने से मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में पहले से ही भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से की गड्ढों को भरवाने की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी खदान गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, प्रशासन से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग तेज हो गई है।

