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रामगढ़ जिले में जंगली हाथियों के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। यह घटना गोला के बंदा और मुरपा इलाके में हुई। बोकारो की सीमा से रामगढ़ के गोला वन क्षेत्र में घुसे 12 हाथियों के झुंड ने शुक्रवार सुबह अलग-अलग क्षेत्र में तीनों को कुचल कर मार डाला। मृतकों में महुआ चुनने गए एक बुजुर्ग शामदेव साव (65) और ईंट भट्ठे पर सो रहे दो मजदूर धीरज भुइया (26), जुगल भुइया (30 शामिल हैं। पहली घटना मुरपा गांव में हुई। यहां सुबह-सुबह जंगल में महुआ चुनने गए शामदेव साव को हाथियों ने घेर लिया और कुचलकर मार डाला। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना बंदा इलाके में सामने आई। यहां पास के ईंट भट्ठे में काम करने वाले दो मजदूर पर हाथियों ने अचानक हमला किया और उन्हें कुचलकर मार डाला। गोला पिपरा गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वन विभाग की टीम अक्सर मौके पर मौजूद नहीं रहती और हाथियों के उत्पात को रोकने में विफल रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हाथियों के मूवमेंट की कोई सटीक सूचना ग्रामीणों को नहीं दी जाती, जिसके कारण लोग अनजाने में हाथियों के करीब चले जाते हैं। वन विभाग पिछले चार-पांच दिनों से हाथियों के झुंड का पता लगाने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम तैनात कर रहा था, लेकिन हाथियों का सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रहा था। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग ने तीनों मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता के तौर पर 25-25 हजार रुपए दिए हैं। शेष 3 लाख 75 हजार रुपए की राशि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी।


