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एक ओर पूरा देश कारगिल विजय दिवस पर शहीदों के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान को नमन कर रहा है। वहीं राजधानी रांची में शहीदों की स्मृति में बना एक स्मारक उपेक्षा की कहानी बयां कर रहा है। मुख्यमंत्री आवास के समीप न्यू पुलिस लाइन परिसर स्थित रांची जिला के शहीद पुलिस अधिकारियों का स्मारक लंबे समय से बदहाली का शिकार है। शहीदों के सम्मान का प्रतीक बनी रायफल बैसाखी के सहारे खड़ी नजर आती है, जबकि उसके ऊपर स्थापित रहने वाला हेलमेट जमीन पर गिरा पड़ा है। यह दृश्य न केवल स्मारक की जर्जर स्थिति को उजागर करता है, बल्कि शहीदों के सम्मान और स्मृतियों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता पर भी सवाल खड़े करता है। हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग से रोज पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी गुजरते हैं, लेकिन अब तक स्मारक की मरम्मत और रखरखाव की दिशा में कोई पहल नहीं की गई। शहीद स्मारक केवल पत्थर, लोहे या सीमेंट की संरचना नहीं होते, बल्कि वे उन वीर जवानों और पुलिस अधिकारियों के सर्वोच्च बलिदान, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के जीवंत प्रतीक हैं, जिन्होंने देश और समाज की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

