Thursday, October 22, 2026
⚡

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

राहुल गांधी के देशद्रोहियों के साथ निजी संबंध:भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बरसे, कहा- वे भारत को फिर से टुकड़ों में बांटना चाहते हैं


झारखंड के गोड्‌डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को दुमका में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि मेरा सीधा आरोप है कि जब भी राहुल गांधी विदेश जाते हैं, तो वे नेविल रॉय सिंघम, इल्हान उमर, रो खन्ना और सोरोस फाउंडेशन के सिंडिकेट के साथ जुड़ते हैं। अमेरिकी कांग्रेस की इन रिपोर्टों के आधार पर ऐसा लगता है कि उन्हें क्रिप्टोकरेंसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन जुआ लॉबी ने ‘खरीद’ लिया है। उनके इशारे पर और उनके उकसावे से वे और कई विपक्षी दल युवाओं को सत्ता परिवर्तन के लिए लामबंद करते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा-वे भारत को एक बार फिर से टुकड़ों में बांटना चाहते हैं। ठीक वैसे ही जैसे नेहरू ने बंटवारा किया था। उनका मकसद देश को बांटना और नेपाल, श्रीलंका या पाकिस्तान जैसे बुरे हालात पैदा करना है लेकिन उनका यह मकसद कभी कामयाब नहीं होगा, क्योंकि अब दुनिया जाग चुकी है। इन रिपोर्टों से पता चलता है कि इन देशद्रोहियों के साथ उनके निजी संबंध हैं। सरकार उचित कार्रवाई करेगी, लेकिन हम सीधे जनता के पास भी जाएंगे। राजनीति और लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से अप्रासंगिक हो जाए। जब ​​ये दस्तावेज जनता के सामने आएंगे, तो कांग्रेस, विपक्ष या कांग्रेस का समर्थन करने वाले किसी भी नेता के पास जनता को अपना चेहरा दिखाने की हिम्मत नहीं बचेगी और जनता उन्हें उनकी इस शर्मनाक हरकत के लिए जरूर आड़े हाथों लेगी।” ‘राहुल गांधी का असली नाम राउल विंसी है’ बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- “लोकसभा में विपक्ष के नेता ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका किसी भी संस्था या संविधान में कोई भरोसा नहीं है। लेकिन बीजेपी हमेशा सभी संस्थाओं का सम्मान करती है। इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में एक केस चल रहा है कि राहुल गांधी का असली नाम ‘राउल विंसी’ है। यह एक तथ्य है कि उनका नाम राउल विंसी है…” उन्होंने कहा- “मोदी जी की सरकार लोकतंत्र में विश्वास रखती है। लोकतंत्र में केवल एक ही रास्ता है- चुनाव का रास्ता। हम राहुल गांधी या उनके परिवार जैसे इंदिरा गांधी, जिन्होंने इमरजेंसी लगाई थी की तरह नहीं हैं। ज्ञानेश कुमार को निशाना क्यों बनाया जा रहा है? मैं संथाल परगना क्षेत्र में फिर से दोहराता हूं। 1951 में यहां आदिवासी आबादी 45% थी। 2011 तक यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 26-27% रह गया। वहीं, मुस्लिम आबादी 7% थी, जो आज 24-25% हो गई है। अगर आज जनगणना कराई जाए, तो आदिवासी आबादी लगभग 20-21% तक गिर जाएगी, जबकि मुस्लिम आबादी 20% तक पहुंच जाएगी। पूरे देश में मुस्लिम आबादी 4% बढ़ी है, लेकिन यहां इसमें 22-23% की बढ़ोतरी हुई है। इसका क्या कारण है? ये सभी बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। ज्ञानेश कुमार ने उन आंदोलनों को गति दी है जैसे ‘बांग्लादेशियों को हटाओ’, ‘बांग्लादेशियों को बाहर निकालो’, या ‘मतदाता सूची से बांग्लादेशियों के नाम काटो’ और विपक्ष को डर है कि इन सभी बांग्लादेशी मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए जा सकते हैं। चुनाव हारने के डर से ज्ञानेश कुमार का विरोध निशिकांत दुबे ने कहा- विपक्ष को लग रहा है कि वे चुनाव हार जाएंगे। इसलिए वे ज्ञानेश कुमार का विरोध कर रहे हैं। वे तरह-तरह के मुद्दे उठाते हैं जैसे NEET परीक्षा, बेरोजगारी या महंगाई यानी ऐसी कोई भी बात जिससे जनता भड़क सके। ये सभी समूह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लॉबी, क्रिप्टोकरेंसी लॉबी और ऑनलाइन जुआ लॉबी दूसरों को उकसाकर अपने लक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इस संदर्भ में, ज्ञानेश कुमार से जुड़ा मुद्दा काफी छोटा है। लेकिन, जब चुनाव आएगा, तो दांव बहुत बड़ा होगा। इस चुनाव में हम जनता के बीच जाएंगे और उनकी साजिश का पर्दाफाश करेंगे।”

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles