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आरा शहर में दिनदहाड़े कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह की हत्या के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह शोकाकुल परिवार से मिले। नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ला स्थित उनके आवास पर मृतक के बेटों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और शोक व्यक्त किया। राज कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या की याद दिलाती है। उन्होंने हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे आंदोलन के माध्यम से सरकार को चेतावनी देंगे। एक बात सुन लीजिए ये जो निक्कमी सरकार है वो जाएगी। ‘पुलिस की मिलीभगत से हुई राम कुमार सिंह की हत्या’ पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्व विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और पुलिस की कथित मिलीभगत ने इस घटना की पृष्ठभूमि तैयार की। उन्होंने मामले में संबंधित अंचल अधिकारियों और मुफस्सिल थानाध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के अंदर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा। आरके सिंह ने कहा कि राम कुमार सिंह की हत्या के पीछे की परिस्थितियों को समझने के लिए जमीन विवाद और प्रशासनिक स्तर पर हुई कथित गड़बड़ियों की जांच जरूरी है। उनके अनुसार, राम कुमार सिंह ने वर्ष 2006 में जमीन खरीदी थी। उनका दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज और अन्य कागजात उनके नाम पर थे। वहां बाउंड्री वॉल भी बनी हुई थी। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित अंचल अधिकारी ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर जमीन का परिमार्जन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया, जबकि उस व्यक्ति का जमीन पर स्थानीय स्तर पर कोई वैध दावा नहीं था। जमीन पर बाउंड्री वॉल तोड़े जाने की घटना के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हत्या के मामले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही जमीन के रिकॉर्ड में कथित बदलाव, परिमार्जन और दाखिल-खारिज की पूरी प्रक्रिया की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। अंचल अधिकारी को निलंबित कर गिरफ्तार करने की मांग पूर्व केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अंचल अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार और हत्या के मामले में कथित संलिप्तता की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जमीन के दस्तावेजों में गलत तरीके से बदलाव किया गया है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। संबंधित अंचल अधिकारी को निलंबित करने के साथ ही कथित भ्रष्टाचार और हत्या के मामले में उनकी भूमिका की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जमीन के दाखिल-खारिज और परिमार्जन में अन्य जगहों पर भी कथित तौर पर पैसे लेकर गड़बड़ी की जाती है। उन्होंने राजस्व मंत्री से सवाल किया कि विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जा रही है और ऐसी स्थिति के लिए जवाबदेही किसकी है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव किसके आदेश पर और किन परिस्थितियों में किया गया। ‘ससुराल से जमीन मिली थी’ आरके सिंह ने राम कुमार सिंह की जमीन से जुड़े मामले के अलावा उदवंतनगर अंचल में जमीन के दाखिल-खारिज से संबंधित एक अन्य मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राम कुमार सिंह को ससुराल से मिली जमीन के मामले में भी पहले उनके नाम पर म्यूटेशन हुआ था, लेकिन बाद में कथित तौर पर पैसे लेकर जमीन का रिकॉर्ड दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि इस मामले की भी जांच कर संबंधित अंचल अधिकारी की भूमिका तय की जाए। यदि जांच में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जमीन के रिकॉर्ड में किसी भी तरह का बदलाव नियमों और दस्तावेजों के आधार पर होना चाहिए, न कि कथित रूप से पैसे लेकर। ‘सिर्फ थानाध्यक्ष का निलंबन पर्याप्त नहीं’ आरके सिंह ने राम कुमार सिंह हत्याकांड में मुफस्सिल थानाध्यक्ष के निलंबन को पर्याप्त नहीं बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित थानाध्यक्ष की हत्याकांड से जुड़े लोगों के साथ कथित मिलीभगत थी और उन्होंने शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष ने आरोपित लोगों से पैसे लिए थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा। यदि जांच में थानाध्यक्ष की संलिप्तता सामने आती है, तो उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राम कुमार सिंह और उनके परिवार के लोग जमीन से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की शिकायत कर रहे थे, तब समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ‘शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राम कुमार सिंह और उनके परिवार के लोगों की ओर से जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ पहले से शिकायतें की जा रही थीं, तो उन पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी इस मामले में जवाब मांगेंगे। उनके अनुसार, शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो संभव है कि स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग करते हुए कहा कि किस स्तर पर लापरवाही हुई और किस अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। ‘सख्त कार्रवाई की उठाई मांग’ आरके सिंह ने जिले में लगातार हो रही गोलीबारी और हत्याओं पर चिंता जताते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े किसी व्यक्ति को उसके घर के सामने गोलियां मारकर हत्या कर देना गंभीर मामला है। हाल के दिनों में जिले में हुई अन्य गोलीबारी की घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलिस प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन को सतर्क होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सवाल किया कि जिले में इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं दिख रहा है। ’15 दिन में उचित कार्रवाई की मांग’ आरके सिंह ने स्पष्ट कहा कि राम कुमार सिंह हत्याकांड में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, मुफस्सिल थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के कारणों की जांच की मांग की। चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को ऐसे ही नहीं छोड़ा जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आवाज उठाई जाएगी। अंत में उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह निकम्मी सरकार जल्द जाएगी।
रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर हत्याकांड: परिजन से मिले आरके सिंह:15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी, बोले- यह निकम्मी सरकार जल्द जाएगी
