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पटना में विजिलेंस विभाग से सेवानिवृत्त पदाधिकारी के बेटे श्रीधर पाठक को पुलिस ने 5 अक्टूबर को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। उसे पुलिस की टीम पटना लेकर पहुंची है। श्रीधर 2 साल से फरार था और विदेश भागने की तैयारी में थे। उससे पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पीड़ितों को जैसे ही पता चला कि आरोपी पकड़ा गया है। वे लोग कोतवाली पहुंचने लगे। पीड़त बताते हैं कि हमें पैसा डबल करने का लालच दिया था। करोड़ों रुपए ठग लिए। बहन-बेटी की शादी के लिए हमने रुपए इन्वेस्ट किया। जब रुपए देने की बारी आई तो श्रीधर फरार हो गया। हमने तो हाथ-पैर भी जोड़े थे, पर हमारे पैसे उसने नहीं लौटाए। शुरुआत में मुनाफा दिया, लोगों का विश्वास जीता बताया जा रहा कि आरोपी श्रीधर शेयर मार्केट में 30 से 50 प्रतिश मुनाफे का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी करता था। दीघा के मखदुमपुर स्थित गेट नंबर-93 के पास उसने ऑफिस खोल रखी थी। लोगों को निवेश के बदले भारी मुनाफा देने का भरोसा देता था। शुरुआत में निवेशकों को करीब 10 से 12 महीने तक मुनाफा भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद उसने बड़ी रकम जमा कराई और फरार हो गया। मूल रूप से नालंदा का रहने वाला श्रीधर लंबे समय से दानापुर में रह रहा था। कोतवाली पहुंचे पीड़ितों ने बताई अपनी समस्याएं… पैसे मांगने पर केस में फंसाने की धमकी दी थी मो. नूर आलम ने कहा कि श्रीधर ने एक बार 10 लाख कैश लिए, फिर 5 लाख मैं उसे दिया था। टोटल 25 लाख रुपए दिए थे। श्रीधर ने कहा था कि 3 महीने में मुनाफा देगा। मैं लॉन्ड्री चलाता हूं। बहन की शादी होने वाली थी। सोचा था कि जो मुनाफा आएगा उससे बहन की शादी हो जाएगी, पर कोई फायदा नहीं हुआ। बहन की शादी के लिए मुझे अपनी जमीन बेचनी पड़ी। श्रीधर में मुझे केस में फंसाने की धमकी दी थी। मैं बस यही चाहता हूं कि मेरे पैसे लौटा दिए जाए।
1 करोड़ से ज्यादा की ठगी की आनंद पंडित ने कहा कि शेयर मार्केट में पैसा लगाया था। एक करोड़ 72 लाख रुपए श्रीधर ने मुझसे ठग लिए। मैंने उसे रुपए अलग-अलग जगह और अलग अकाउंट में दिए थे। श्रीधर ने कहा था कि 50 प्रतिशत बढ़ाकर मुनाफा देंगे। 6 महीने में बढ़े हुए रुपए देने के लिए कहा था, पर नहीं दिया।
रिटायर होने के बाद निवेश किया था मुस्ताक अहमद ने कहा कि शुरू में मैंने 9 लाख रुपए लगाए थे। जिसका फायदा मुझे मिला था। बेटी की शादी थी। इसलिए मैंने पैसे लगा दिए। फिर मुनाफा देना बंद कर दिया। 2 साल से श्रीधर फरार था। मैं टीचर था। रिटायर होने के बाद मैंने रुपए इन्वेस्ट किए थे।
पड़ोसी की बात पर मैं फंस गया टिंकू ने बाताय कि मैंने 15 लाख रुपए लगाए थे। मेरे घर के बगल में पंकज पटेल नाम का व्यक्ति रहता है। उसने ही मुझे इन सब चीजों के बारे में बताया। उसने कहा था कि मुनाफा होगा। पहले एक-दो फायदा भी हुआ, फिर नहीं मिला लाभ। मैं श्रीधर को खोजने उसके घर गया था, तो उसका परिवार कहता है कि हमारा उससे कोई लेनादेना नहीं है।
रिटायर्ड ऑफिसर के बेटे ने करोड़ों ठगे, लखनऊ से गिरफ्तार:पैसे डबल करने का देता था लालच, पीड़ित बोले- हाथ-पैर जोड़े थे, पर नहीं लौटाए रुपए

