![]()
फील्ड सर्वे डिवीजन ने तीनों प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने के लिए मांगा प्रस्ताव, एक साल में बदलेगी सूरत राजधानी रांची में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर अन्य सड़कों को भी स्मार्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। शहर की वैसी सड़कें जहां भविष्य में विकास की संभावना है, उन सड़कों को चिह्नित करके विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। पहले फेज में धुर्वा डैम के चारों ओर करीब 5 किमी लंबी सड़क को पूरी तरह विकसित किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के साथ किनारे में फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनेगा। पूरी सड़क पर सोलर लाइट लगेगी। इसके अलावा धुर्वा पोस्ट ऑफिस से सिठियो रिंग रोड तक करीब 5 किमी लंबी सड़क को फोर लेन बनाया जाएगा। रोड के दोनों ओर फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनेगा। इसके अलावा जगह-जगह ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। इस रूट में जहां जरुरी होगा वहां रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर पास का भी निर्माण होगा। तीसरी योजना रांची के कांके में प्रस्तावित रिम्स-2 की है। रिम्स -2 के लिए 1.70 किमी लंबी सड़क का निर्माण होगा। पिठोरिया-मेसरा रोड में होसिर, एकांबा, राल और सदकनादू होते हुए यह सड़क विकसित होगी। इसके दोनों ओर फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, ग्रीन पैच और सोलर लाइट लगाए जाएंगे। कंसल्टेंट चयन के लिए 8 सितंबर को टेंडर खुलेगा। इसमें चयनित एजेंसी को 45 दिनों के अंदर संबंधित प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार करना होगा। अगले एक साल के दौरान निर्माण करने की योजना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सड़कों पर पैदल चलने वालों को मिलेगा अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों अपने एक फैसले में सभी राज्यों को सड़क की डिजायन पैदल चलने वालों को ध्यान में रखकर तैयार करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा है कि सड़क के किनारे पैदल चलने वालों के लिए अलग पाथ वे बनाया जाना चाहिए और साइकिल से चलने वालों के लिए भी डेडिकेटेड लेन होना चाहिए। अदालत के आदेश को देखते हुए झारखंड में जितनी भी प्रस्तावित सड़कें है उसका निर्माण भी फुटपाथ-साइकिल ट्रैक को ध्यान में रखकर करने की योजना बनाई गई है। ऐसे में पैदल चलने वालों को अब सड़क पर उतना ही अधिकार मिलेगा जितना वाहन से चलने वालों को मिलता है। 16.90 किमी लंबा साइकिल ट्रैक व फुटपाथ बनेगा पथ निर्माण विभाग ने फिलहाल तीन बड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी की है। तीनों प्रोजेक्ट में करीब 16.90 किमी लंबी सड़क बनेगी। इसके साथ उतना ही लंबा साइकिल ट्रैक और फुटपाथ का बनेगा। धुर्वा डैम और सिठियो रिंग रोड तक फोर लेन सड़क और डेडिकेटेड साइकिल ट्रैक बनने से इस क्षेत्र में पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा। साथ ही पैदल चलने वालों के दुर्घटना की संभावना काफी कम है। डिजाइन बनाने के साथ जमीन अधिग्रहण का भी सर्वे तीनों योजनाओं के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी को सिर्फ सड़क का डिजाइन तैयार नहीं करना है। उसे जमीन अधिग्रहण का सर्वे करने, जमीन का स्वामित्व स्पष्ट करने, वन भूमि का सर्वे, रेलवे लाइन पर आरओबी या अंडरपास बनाने की जरूरत का आकलन करने का भी काम करना होगा। फोर लेन सड़क के साथ जगह-जगह ग्रीन पैच विकसित करने के लिए स्थल चिह्नित किया जाएगा। सड़क पर पहला अधिकार पैदल चलनेवालों का, इसके बाद साइकिल सवारों का सड़क पर सबसे पहला अधिकार पैदल चलने वालों का है। इसके बाद साइकिल वालों का। इसके बाद ही मोटरवाहन सवारों के लिए सड़क की डिजाइन बननी चाहिए। विदेशों में ऐसी ही व्यवस्था है। लेकिन यहां पर सड़क का निर्माण कर दिया जाता है, फुटपाथ और साइकिल ट्रैक के लिए जगह ही नहीं बचती। रांची में हरेक साल करीब 600 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो जाती है, इसमें करीब 20 प्रतिशत मौत फुटपाथ-साइकिल ट्रैक नहीं होने की वजह से होती है। ऋषभ आनंद, ट्रैफिक एक्सपर्ट
रिम्स-2 से गुजरने वाली पिठोरिया-मेसरा रोड होगी जगमग:धुर्वा डैम के चारों ओर 5 किमी लंबा साइकिल ट्रैक-फुटपाथ बनेगा, सिठियो तक 4-लेन रोड

