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मानव तस्करी और बाल तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सीतामढ़ी पुलिस ने शुक्रवार को नगर थाना क्षेत्र के बोहा टोला स्थित रेड लाइट एरिया में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ‘नया सवेरा अभियान 3.0’ के तहत यह पहल की गई। अभियान में स्थानीय लोगों को मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूप, उसके दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। मानव तस्करी से बचाव के तरीकों पर जागरूक किया पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के निर्देश और वरीय पुलिस उपाधीक्षक मो. नजीब अनवर के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। इसका नेतृत्व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के पुलिस निरीक्षक सह शाखा प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने किया। पुलिस टीम ने रेड लाइट एरिया में रहने वाले लोगों से सीधा संवाद कर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा मानव तस्करी से बचाव के तरीकों पर जागरूक किया। आवश्यक संपर्क विवरण वाले जागरूकता पोस्टर भी लगाए लोगों से अपील की गई कि बाल तस्करी, मानव तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। अभियान के दौरान हेल्पलाइन नंबर और आवश्यक संपर्क विवरण वाले जागरूकता पोस्टर भी लगाए गए। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि समय पर मिली सूचना कई लोगों को अपराधियों के चंगुल में फंसने से बचा सकती है। मानव तस्करी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार इस अवसर पर अदिति कवच परियोजना की टीम, ए.वी.ए. के प्रतिनिधि, नगर थाना एवं महिला थाना के पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने सामुदायिक सहभागिता को मानव तस्करी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताया। बाल अधिकार कार्यकर्ता मुकुंद कुमार चौधरी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। चौधरी ने रेड लाइट एरिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को अपने अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और सहायता के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी मिलेगी। प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

