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बक्सर जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वृद्ध अपनी लकवाग्रस्त पत्नी को ठेले पर लादकर लगभग 27 किलोमीटर पैदल चला। यह घटना डुमरांव से बक्सर सदर अस्पताल तक की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में एक युवक ने वृद्ध से बातचीत की। वृद्ध ने बताया कि उसे लगा कि एंबुलेंस या किसी अन्य वाहन से मरीज को लाने पर पैसे देने पड़ेंगे, इसलिए उसने मजबूरी में ठेले का सहारा लिया। युवक ने उसे सरकारी एंबुलेंस सेवा के निशुल्क होने की जानकारी दी, लेकिन वृद्ध के हाव-भाव से स्पष्ट था कि उसे इसकी जानकारी नहीं थी। मरीज के पहुंचने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं
वृद्ध ने अपनी पत्नी का नाम उगना देवी बताया, जो लकवा से पीड़ित हैं। पहले उन्हें कोरानसराय के एक अस्पताल में दिखाया गया था, जहां से उन्हें डुमरांव रेफर किया गया। डुमरांव से बेहतर इलाज के लिए उन्हें बक्सर सदर अस्पताल जाने की सलाह दी गई, जिसके बाद वृद्ध अपनी पत्नी को ठेले पर लेकर बक्सर के लिए निकल पड़ा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह वीडियो किस दिन बनाया गया था। यह भी पुष्टि नहीं हो पाई है कि मरीज को सरकारी अस्पताल से रेफर किया गया था या किसी निजी अस्पताल से। साथ ही, उन्हें एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई थी या नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं मिल सकी है। बक्सर सदर अस्पताल में भी मरीज के पहुंचने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि उन्हें किसी अन्य अस्पताल में ले जाया गया होगा। घटना जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करती
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि सरकारी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध थी, तो वृद्ध तक इसकी जानकारी क्यों नहीं पहुंची? यदि सेवा उपलब्ध नहीं थी, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी चूक है। जानकारी के अभाव में एक गरीब वृद्ध का अपनी बीमार पत्नी को इतनी दूर तक ठेले पर ढोने को मजबूर होना, स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान की कमी को उजागर करता है।

