लखीसराय मंडल कारा परिसर में बुधवार को बंदियों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुलाकाती लीगल हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों और उनके परिवारों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विद्यानंद सागर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। बालसा के निर्देश पर शुरू की गई व्यवस्था कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बालसा) के निर्देश पर लागू की गई है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बंदियों को कानूनी सलाह, मुकदमों से जुड़ी जानकारी तथा अन्य आवश्यक सहायता पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि कई ऐसे बंदी होते हैं जिन्हें कानूनी प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती, जिससे उन्हें न्याय पाने में कठिनाई होती है। यह हेल्प डेस्क ऐसे लोगों के लिए मददगार साबित होगा। परिजनों को भी मिलेगा मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विद्यानंद सागर ने बताया कि जेल में बंद कैदियों के परिजनों को भी अक्सर कानूनी प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। कई लोग वकील, जमानत, आवेदन और अदालत से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे में यह लीगल हेल्प डेस्क उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति यहां पहुंचकर अपने मामले से संबंधित कानूनी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकता है। इस पहल से न्यायिक प्रक्रिया को आम लोगों के लिए आसान बनाने में मदद मिलेगी। अवैध वसूली रोकने पर भी जोर कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंडल कारा प्रशासन द्वारा हेल्प डेस्क के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मुलाकात के लिए जेल आने वाले परिजनों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि पारदर्शिता और न्यायसंगत व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि किसी व्यक्ति से अवैध वसूली या दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानूनी जागरूकता बढ़ाने की पहल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से बंदियों और उनके परिजनों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ेगी। कई बार जानकारी के अभाव में गरीब और जरूरतमंद लोग अपने अधिकारों का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाते हैं। लीगल हेल्प डेस्क उन्हें समय पर उचित सलाह और सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर वे लीगल हेल्प डेस्क से संपर्क करें और निःशुल्क सहायता का लाभ उठाएं। अधिकारियों ने कहा कि न्याय तक हर व्यक्ति की पहुंच सुनिश्चित करना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
लखीसराय मंडल कारा में लीगल हेल्प डेस्क का उद्घाटन:बंदियों-परिजनों को मिलेगी निशुल्क कानूनी सहायता, बालसा के निर्देश पर व्यवस्था शुरू
लखीसराय मंडल कारा परिसर में बुधवार को बंदियों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुलाकाती लीगल हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों और उनके परिवारों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विद्यानंद सागर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। बालसा के निर्देश पर शुरू की गई व्यवस्था कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बालसा) के निर्देश पर लागू की गई है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बंदियों को कानूनी सलाह, मुकदमों से जुड़ी जानकारी तथा अन्य आवश्यक सहायता पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि कई ऐसे बंदी होते हैं जिन्हें कानूनी प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती, जिससे उन्हें न्याय पाने में कठिनाई होती है। यह हेल्प डेस्क ऐसे लोगों के लिए मददगार साबित होगा। परिजनों को भी मिलेगा मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विद्यानंद सागर ने बताया कि जेल में बंद कैदियों के परिजनों को भी अक्सर कानूनी प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। कई लोग वकील, जमानत, आवेदन और अदालत से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे में यह लीगल हेल्प डेस्क उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति यहां पहुंचकर अपने मामले से संबंधित कानूनी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकता है। इस पहल से न्यायिक प्रक्रिया को आम लोगों के लिए आसान बनाने में मदद मिलेगी। अवैध वसूली रोकने पर भी जोर कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंडल कारा प्रशासन द्वारा हेल्प डेस्क के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मुलाकात के लिए जेल आने वाले परिजनों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि पारदर्शिता और न्यायसंगत व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि किसी व्यक्ति से अवैध वसूली या दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानूनी जागरूकता बढ़ाने की पहल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से बंदियों और उनके परिजनों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ेगी। कई बार जानकारी के अभाव में गरीब और जरूरतमंद लोग अपने अधिकारों का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाते हैं। लीगल हेल्प डेस्क उन्हें समय पर उचित सलाह और सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर वे लीगल हेल्प डेस्क से संपर्क करें और निःशुल्क सहायता का लाभ उठाएं। अधिकारियों ने कहा कि न्याय तक हर व्यक्ति की पहुंच सुनिश्चित करना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।


