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'लाठी-डंडे लेकर भीड़ हम 6 दोस्तों को दौड़ाने लगी':मृत दोस्तों के परिजन से डरकर छिपना पड़ा, नालंदा में मॉब लिंचिंग से पहले क्या हुआ था?


‘श्रवण और पिंटू टॉयलेट के लिए मंदिर से 200 मीटर दूर गए थे। हम चार लोग मंदिर के पास ही बैठकर कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे। इतने में रात करीब 12 बजे 15 से 20 लोग लाठी-डंडा और टॉर्च लेकर हम लोगों की ओर बढ़े। जैसे ही लोगों ने टॉर्च जलाया, हम लोगों को देखकर चोर-चोर कहकर शोर मचाने लगे। हम सभी बिलकुल डर गए। इसके बाद सभी जान बचाने के लिए अलग-अलग दिशा में दौड़े। दौड़ते-दौड़ते करीब एक किलोमीटर दूर चले गए। फिर फोन किया तो चार लोग इक्ट्ठा हुए। पता चला कि श्रवण और पिंटू का कॉल नहीं लग रहा है। कुछ देर बाद ही पता चला कि मंदिर के पास लोगों ने श्रवण और पिंटू की पिटाई की है।’ नालंदा के राजगीर में 15 जून को तड़के करीब 3 बजे हुई मॉब लिंचिंग के शिकार श्रवण और पिंटू के दोस्तों ने दैनिक भास्कर से ये बातें कही है। मृतक पिंटू और श्रवण के दोस्तों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई है, लेकिन दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने मृतकों के चारों दोस्तों को ढूंढ निकाला। मॉब लिंचिंग के शिकार श्रवण और पिंटू के दोस्तों ने क्या-क्या बताया? 15 जून की रात मंदिर के पास क्या हुआ था? मृतक के चारों दोस्त फिलहाल कहां और कैसे रह रहे हैं? पढ़िए, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। 15 जून को हुई मॉब लिंचिंग की 2 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए 15 जून को तड़के क्या हुआ था? दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपुर गांव के रविदास टोला के रहने वाले आकाश कुमार, सुभाष कुमार, कृष्णा कुमार और आशीष पासवान टोला के श्रवण और पिंटू के साथ दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। आकाश, सुभाष, कृष्णा और आशीष ने बताया कि रविवार की शाम को हम सभी 6 दोस्तों ने काम खत्म किया। एक जगह जुटे तो प्लान बनाकर मलमास मेला घूमेने राजगीर चले गए। फिर सुबह तक घर लौट आएंगे। हम सभी 6 दोस्तों ने अपने-अपने घरों में इसकी जानकारी दे दी थी। फिर रात 11 बजे लोकल ट्रेन पकड़कर राजगीर के लिए निकल गए। कृष्णा कुमार ने बताया कि हम लोग एक घंटे यानी 11 बजे राजगीर रेलवे स्टेशन पहुंच गए। उसने बताया कि हम लोग इस साल पहली बार मलमास मेला घूमने के लिए ट्रेन से गए थे। कृष्णा ने बताया कि ट्रेन से उतरकर लोग जिधर जा रहा थे, हम लोग भी उनके पीछे-पीछे स्टेशन के बाहर आए। स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर झुनकिया बाबा मंदिर है। वहां रंगबिरंगी लाइट जल रही थी। इतने में श्रवण और पिंटू ने कहा कि मुझे टॉयलेट जाना है। फिर हम लोगों ने पास के एक दुकान से पानी की बॉटल और कोल्ड ड्रिंक ली। फिर मंदिर के पास पहुंचे तो देखा कि अंदर पंगत चल रही है। लोग खाना खा रहे हैं। कृष्णा ने बताया कि श्रवण और पिंटू मंदिर के पीछे करीब 200 मीटर दूर पानी का बॉटल लेकर टॉयलेट करने चले गए। मैं आशीष, सुभाष और आकाश के साथ मंदिर के बाहर ही बैठ गए और हम चारों कोल्ड ड्रिंक पीने लगे। ‘15 से 20 लोग लाठी-डंडा लेकर आए, चोर-चोर बोलकर दौड़ाने लगे’ आकाश ने बताया कि जैसे ही 15 से 20 लोगों ने टॉर्च की लाइट हम लोगों के चेहरे पर डाली, इससे ठीक कुछ देर पहले श्रवण और पिंटू भी टॉयलेट करके आ चुके थे। जैसे ही 15 से 20 लोगों की भीड़ हम लोगों की और दौड़ी, हम लोग डर गए। इसके बाद मंदिर से अलग-अलग दिशा में भागने लगे। हम लोगों को कुछ नहीं पता था कि भीड़ ने किसे पकड़ा है, कौन छूटा है, कौन भागा है। हम लोग करीब एक किलोमीटर दूर जाकर रूके। आकाश के मुताबिक, मैंने एक-एक कर अपने दोस्तों को फोन करने लगा। कृष्णा, सुभाष और आकाश का कॉल लगा और उन्होंने कॉल उठाया तो मैंने उन्हें एक निश्चित जगह बुलाया। जब हम लोग चारों एक जगह जुट गए तो सुभाष ने कहा कि पापा की मेले में ही दुकान है, चलो पापा को इसकी जानकारी देते हैं। ‘मंदिर जाने पर पता चला कि दो लोगों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया है’ सुभाष ने बताया कि मैंने अपने पापा को सारी बातें बताई। इसके बाद हम चारों दोस्त पापा के साथ मंदिर पहुंचे। यहां कुछ लोगों ने बताया कि दो लड़कों को चोरी के शक में बुरी तरह पीटा गया है। दोनों लड़कों की हालत अधमरी टाइप हो गई थी। किसी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी तो पुलिस साढ़े 3 बजे आई और दोनों लड़कों को राजगीर अस्पताल ले गई है। आप लोग राजगीर थाना चले जाइए, वहां कुछ जानकारी मिल जाएगी। सुभाष ने बताया कि जब हम लोग राजगीर थाना पहुंचे, तो वहां कुछ भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। काफी देर के बाद पता चला कि श्रवण और पिंटू की हालत गंभीर है, इसलिए दोनों की बेहतर इलाज के लिए पुलिस उन्हें लेकर पटना पीएमसीएच गई है। उधर, सुभाष के साथ उसके चारों दोस्तों ने बताया कि गांव में पासवान टोला में शोर मच गया था कि हम चारों ने मिलकर श्रवण पासवान और पिंटू पासवान की हत्या की है और हत्या के बाद शव को फेंक दिया है। इसलिए डर की वजह से हम लोग आज तक गांव नहीं जा पाए हैं। जब तक पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर देती, सभी लोगों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, तब तक हम लोगों का गांव जाना ठीक नहीं है। एक ने कहा कि हम लोग रविदास हैं, मरने वाले हमारे दोस्त थे और वे पासवान हैं। पता नहीं, पासवान टोला के लोग हम लोगों पर हमला कर दें। श्रवण और पिंटू के घरवालों ने चारों लड़कों पर हत्या का आरोप लगाया था घटना के एक दिन बाद यानी मंगलवार को पिंटू और श्रवण के घरवालों ने आकाश, कृष्णा, सुभाष और आशीष पर आरोप लगाया था कि इन चारों ने ही मिलकर दोनों की हत्या की है। मृतक पिंटू की मां सरोज देवी ने बताया कि मेरा बेटा पेशे से राजमिस्त्री था। पांच भाइयों और तीन बहनों में वो सबसे बड़ा था। घर-परिवार की सारी जिम्मेदारी पिंटू पर ही थी। पिंटू अब नहीं है, ऐसे में घर-परिवार कैसे चलेगा? ये चोरी का मामला नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत मेरे बेटे की हत्या की गई है। वहीं, मृतक पिंटू के भाई चिंटू ने कहा कि पिंटू और श्रवण अपने गांव के ही सुभाष, आशिक, कृष्णा और आकाश नाम के लड़कों के साथ मेला घूमने गया था। चारों लड़के रविदास टोली (अली नगर) के रहने वाले हैं। चारों दोस्तों ने ही किसी विवाद या साजिश के तहत दोनों को बुलाया और रविदास टोली के लोगों को इकट्ठा कर उन पर हमला करवा दिया। चिंटू ने दावा किया कि मेरे दोनों भाइयों को पीट-पीटकर अधमरा करने के बाद नहर के पास फेंक दिया गया था और उनके मोबाइल फोन छीन लिए थे। सुबह दीपनगर थाने की पुलिस की ओर से हम लोगों को फोन कर घटना की सूचना दी गई। हम लोग अस्पताल पहुंचे, तब पता चला कि पिंटू और श्रवण के साथ मारपीट की गई है। दोनों की हालत गंभीर थी। इसलिए डॉक्टरों ने दोनों को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया था। चिंटू ने आरोप लगाया कि हत्या के मामले में पुजारी की भी मिलीभगत है, इसलिए वो मेरे भाइयों पर चोरी का आरोप लगा रहे हैं। हत्या के चारों आरोपियों ने पैसे देकर पुजारी को अपने पक्ष में मिला लिया है। गांव में आज तक पिंटू या श्रवण पर कभी चोरी का आरोप नहीं लगा, वे राजगीर जाकर चोरी क्यों करेंगे? मॉब लिंचिंग मामले में पुजारी समेत अब तक 4 गिरफ्तार नालंदा मॉब लीचिंग मामले में SIT ने शनिवार को ही 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक 4 की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस इन सभी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाने की तैयारी में है। राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित एसआईटी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का लगातार गहन विश्लेषण कर रही है। इससे पहले पुलिस ने एक अन्य आरोपी कुंज बिहारीशरण को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन अन्य अभियुक्तों को भी धर दबोचा। इनमें सिलाव थाना क्षेत्र के डुमरी गांव के रहने वाले सन्तू राम, छबिलापुर थाना के मेयार गांव के रहने वाले विवेक प्रसाद और शेखपुरा के रजौरा गांव निवासी मनीष कुमार शामिल हैं। इन तीनों आरोपियों ने कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

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