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लातेहार में जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के 5 लाख रुपए के इनामी सब-जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ टाइगर उर्फ विनोद लोहरा ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उसने पलामू आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, एसपी कुमार गौरव और सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर के समक्ष यह कदम उठाया। आत्मसमर्पण के बाद अधिकारियों ने सुरेंद्र लोहरा को गुलदस्ता और माला पहनाकर स्वागत किया। उन्हें सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत 5 लाख रुपए का प्रतीकात्मक चेक भी सौंपा गया। सबसे पहले भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ा
सुरेंद्र लोहरा लगभग 20 वर्षों से विभिन्न नक्सली संगठनों में सक्रिय था। उसने बताया कि वर्ष 2005 में गांव के मुखिया मुर्तजा अंसारी के साथ जमीन विवाद के कारण वह नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। इसके बाद उसने विवादित जमीन पर कब्जा कर लिया और सुरेंद्र फिर संगठन से जुड़ कर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा। वह वर्ष 2005 में भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ा था। वर्ष 2011 में गिरफ्तारी के बाद वह जेल गया और 2021 में रिहा हुआ। इसके बाद 2023 में वह जेजेएमपी के पप्पू लोहरा के संपर्क में आकर फिर से संगठन में सक्रिय हो गया था। सरेंडर के दौरान सुरेंद्र लोहरा की पत्नी और बच्चे भी मौजूद थे। उसने बताया कि उसके चार बेटे और एक बेटी है, जिनमें दो बेटों की शादी हो चुकी है। उसके खिलाफ लातेहार, हेरहंज और चंदवा थाना क्षेत्रों में कुल 8 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में आर्म्स एक्ट और 17 सीएलए सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। जेजेएमपी में बचे हैं कुछ ही उग्रवादी
सुरेंद्र ने बताया कि फिलहाल जेजेएमपी में 5-6 उग्रवादी ही सक्रिय हैं, जिनमें रामदेव लोहरा, शिवा खरवार, सकलद उरांव, अरविंद घांसी और शंकर राम प्रमुख हैं। उसने कहा कि सभी को आत्मसमर्पण कर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन बिताना चाहिए। 28 उग्रवादी और नक्सलियों का आत्मसमर्पण
आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक 28 उग्रवादी और नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस रफ्तार से लातेहार जिले को जल्द ही नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकता है। आईजी ने शेष बचे उग्रवादियों से भी आत्मसमर्पण करने की अपील की, अन्यथा पुलिस अभियान जारी रहेगा। एसपी कुमार गौरव ने कहा कि केंद्रीय पुलिस बल और जिला पुलिस के लगातार अभियानों का यह परिणाम है कि सब-जोनल कमांडर स्तर के उग्रवादी ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो उग्रवादी अब भी सक्रिय हैं, उनके खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। एसपी ने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को इनामी राशि और 4 डिसमिल जमीन के साथ घर बनाने की राशि भी उपलब्ध कराई गई है।

