चाईबासा| मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्र के केचाबाईपी व मईलपी गांव के आस-पास से लापता पंडाबीर निवासी सामू दास का पांच दिनों बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। इससे बच्चा चोर के संदेह में सामू दास की हत्या किए जाने के बाद शव छुपाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। सामू के परिजनों ने मुफस्सिल थाना में 14 मार्च को उनके लापता होने संबंधित सन्हा दर्ज कराया है। वहीं नरसंडा के भगवान सुंडी ने भी 15 व 16 मार्च को एसपी के गोपनीय शाखा एवं मुफस्सिल थाना को भी स्पीड पोस्ट से सामू के लापता होने संबंधी जानकारी दी है। परिजनों ने बच्चा चोरी के संदेह में हत्या करने आशंका जताई है। एसपी और मुफस्सिल थाना को भेजे गए पत्र में कहा गया कि गुरुवार 12 मार्च को नरसंडा के भगवान सुंडी और पंडाबीर निवासी सामू दास (70 वर्ष) मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पटातारोब गांव के पुंडू गोप से मिलने गए थे। वहां से सामू दास खैनी खरीदने की बात कहकर दुकान चला गया। सामू दास की तलाश में भगवान सुंडी फिर पटातारोब गांव पहुंचा और पुंडू गोप के साथ केचाबाईपी गांव गया। डाकुवा कृष्ण बानसिंग ने बताया कि यहां सामू दास आया था। कुछ देर रुकने के बाद एक परिचित चालक शत्रुघ्न मालुवा की सवारी गाड़ी में चढ़ा। यात्री वाहन पर कुछ दूर जाने के बाद तीर धनुष से लैस मईलपी गांव के कुछ ग्रामीणों ने उस सवारी गाड़ी को रोका और सामू दास को नीचे उतारने के बाद उसके साथ मारपीट करने लगे और कहने लगे कि यह व्यक्ति फिर यहां आ गया है। उसके बाद ग्रामीण सामू दास को पकड़कर गांव के अंदर ले गए। 8 मार्च को भी दोनों केचाबाईपी गए थे जहां ग्रामीणों ने दोनों को बच्चा चोर के संदेह में करीब तीन-चार घंटे तक गांव में बंधक बना लिया था। लेकिन नरसंडा के एक झामुमो नेता ने फोन पर दोनों का परिचय देकर छुड़वा लिया था। सामू के परिजनों ने उनके जिंदा रहने की उम्मीद छोड़ दी है।
लापता सामू दास का बच्चा चोरी के संदेह में हत्या की आंशका
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