बेतिया में मंगलवार शाम लौरिया क्षेत्र में आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण कई परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान एक मकान ढहने से दो मासूम बच्चे घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तूफान की चपेट में आकर जगह-जगह पेड़ जड़ से उखड़ गए और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। तार टूटने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। प्राकृतिक आपदा के इस कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे अधिक नुकसान कच्चे और टीन-फूस के मकानों को हुआ। मठिया पंचायत के वार्ड संख्या-8 स्थित परसा मोहल्ले में तेज आंधी के दौरान एक मकान अचानक गिर गया। घर के अंदर मौजूद दो मासूम बच्चे मलबे में दब गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चों को मलबे से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान शिवानी कुमारी और छोटा बाबू के रूप में हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों बच्चों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिन पर टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। मठिया पंचायत के वार्ड संख्या 5 में प्रदीप राम और करीमन राम के घर भी आंधी में ढह गए, जबकि उनके एस्बेस्टस की छतें उड़ गईं। प्रभु राम, नगीना राम, भुवली राम, महंथ राम सहित दर्जनों अन्य घरों को भी तूफान से नुकसान पहुंचा है। मुखिया प्रतिनिधि अविनाश शेखर और मनोज राम ने बताया कि आंधी-तूफान से क्षेत्र में व्यापक क्षति हुई है। कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ घंटों के इस तूफान ने उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रभावित परिवार अब प्रशासन से क्षति का सर्वेक्षण कर शीघ्र मुआवजा और राहत सहायता मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
लौरिया में आंधी-तूफान आम जनजीवन प्रभावित:दर्जनों घर क्षतिग्रस्त, दो बच्चे घायल; बिजली सप्लाई प्रभावित
बेतिया में मंगलवार शाम लौरिया क्षेत्र में आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण कई परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान एक मकान ढहने से दो मासूम बच्चे घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तूफान की चपेट में आकर जगह-जगह पेड़ जड़ से उखड़ गए और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। तार टूटने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। प्राकृतिक आपदा के इस कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे अधिक नुकसान कच्चे और टीन-फूस के मकानों को हुआ। मठिया पंचायत के वार्ड संख्या-8 स्थित परसा मोहल्ले में तेज आंधी के दौरान एक मकान अचानक गिर गया। घर के अंदर मौजूद दो मासूम बच्चे मलबे में दब गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चों को मलबे से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान शिवानी कुमारी और छोटा बाबू के रूप में हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों बच्चों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिन पर टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। मठिया पंचायत के वार्ड संख्या 5 में प्रदीप राम और करीमन राम के घर भी आंधी में ढह गए, जबकि उनके एस्बेस्टस की छतें उड़ गईं। प्रभु राम, नगीना राम, भुवली राम, महंथ राम सहित दर्जनों अन्य घरों को भी तूफान से नुकसान पहुंचा है। मुखिया प्रतिनिधि अविनाश शेखर और मनोज राम ने बताया कि आंधी-तूफान से क्षेत्र में व्यापक क्षति हुई है। कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ घंटों के इस तूफान ने उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रभावित परिवार अब प्रशासन से क्षति का सर्वेक्षण कर शीघ्र मुआवजा और राहत सहायता मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

