Friday, October 16, 2026
⚡

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

वन्यजीवों के अंगों की तस्करी का खुलासा:होटल से पैंगोलिन की हड्डियां, नाखून व चमड़ा बरामद


धनबाद में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी का खुलासा हुआ है। वन विभाग ने खरीदार बनकर पहुंचे एक कर्मचारी की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से संरक्षित वन्यजीव पैंगोलिन की 17 हड्डियां, जंगली बिल्ली प्रजाति के एक जीव के रोएं, विभिन्न वन्यजीवों के नाखून, चमड़े और अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं। वन विभाग ने बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत 40 लाख रुपए बताई है। वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झरिया निवासी शहबाज खान, बरवाअड्डा निवासी वसीम असगर खान और भूली के न्यू आजाद नगर निवासी सहजाद खुर्रम के रूप में हुई है। खरीदार बनकर पहुंचा वनकर्मी, फिर छापेमारी : वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर मेमको मोड़ स्थित एक होटल में वन्यजीवों के अवशेष लेकर ठहरे हैं। इसके बाद विभाग ने एक कर्मचारी को सादे कपड़ों में खरीदार बनाकर भेजा। कर्मचारी ने आरोपियों से बातचीत कर तस्करी से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम ने होटल में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। वन विभाग मामले की जांच कर रहा है। बरामद सामग्री की प्रकृति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल के लिए इसे जांच के लिए देहरादून भेजा जाएगा। विभाग ने वन्यजीवों के अंगों की खरीद-बिक्री के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। दवा-सजावट के लिए मांग
वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के पीछे पारंपरिक चिकित्सा और सजावटी वस्तुओं के लिए मांग प्रमुख कारणों में शामिल हैं। पैंगोलिन के शल्कों का कुछ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इस्तेमाल होता रहा है। वहीं, जंगली बिल्लियों के नाखून, दांत और चमड़े का उपयोग कथित ताबीज, सजावटी वस्तुओं और अवैध संग्रह में किया जाता है। ऐसे अवैध कारोबार से संरक्षित वन्यजीवों के अस्तित्व पर खतरा बढ़ता है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles