
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान राजनीति चरम पर है. राज्य के विभिन्न जिलों में वामपंथी दलों द्वारा पूजा पंडालों के आसपास लगाये गये बुक स्टॉलों (Book Stalls) में हुई कथित तोड़फोड़ के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राज्य सरकार की आलोचना की है.
माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य और पूर्व सांसद सुजन चक्रवर्ती ने सोमवार को भाजपा को ‘बंगाल के हिंदुओं का असली दुश्मन’ करार दिया. उन्होंने तोड़फोड़ को लोकतांत्रिक विचारों और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया है. इस घटना पर राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने नाराजगी जतायी है. उन्होंने बुक स्टॉल्स पर हुई तोड़फोड़ की घटना पर शर्मिंदगी व्यक्त की है.
किताबों और लोकतांत्रिक विचारों से डरते हैं हमलावर : सुजन
जादवपुर लोकसभा के पूर्व सांसद सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि हिंदुओं के हितों की रक्षा का ढोल पीटने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वास्तव में बंगाल की संस्कृति और परंपराओं को नुकसान पहुंचा रही है. उन्होंने कहा- हमलावर किताबों, ज्ञान और लोकतांत्रिक सोच से डरे हुए हैं. बंगाली हिंदुओं के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा ही आज बंगाल के हिंदुओं की सबसे बड़ी दुश्मन बनकर उभरी है.
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1952 से चली आ रही परंपरा पर हुआ हमला
सुजन चक्रवर्ती ने याद दिलाया कि बंगाल में शरद उत्सव पीढ़ियों से मनाया जा रहा है. वामपंथी दल वर्ष 1952 से पूजा पंडालों के पास वैचारिक किताबों के स्टॉल लगाते आ रहे हैं.
दीनहाटा से हरिदेवपुर तक तोड़फोड़
माकपा और एसयूसीआई (SUCI) के अनुसार, उत्तर बंगाल के कूचबिहार जिले के दीनहाटा से लेकर दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर तक कई स्थानों पर उनके बुक स्टॉलों को निशाना बनाया गया और किताबें नष्ट की गयीं.
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मुझे शर्मिंदगी है कि ऐसी घटना हुई : दासगुप्ता
पंडाल दर्शन के दौरान एक बंगाली समाचार चैनल से बात करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने इस तोड़फोड़ की निंदा की. उन्होंने कहा कि वे नहीं जानते कि इन हमलों के पीछे कौन लोग हैं या उनकी राजनीतिक विचारधारा क्या है.
मैं बेहद शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं कि हमारे राज्य में ऐसी घटना हुई. विचारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण है. वामपंथियों के साथ मेरे गहरे वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि उन्हें अपनी किताबें प्रदर्शित करने या बेचने से रोका जाये. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. -स्वपन दासगुप्त, वित्त मंत्री, पश्चिम बंगाल
विवाद का कारण शुभेंदु की ‘शारदोत्सव’ वाली चेतावनी?
सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सभी दुर्गा पूजा समितियों को एक निर्देश जारी किया था. उन्होंने कहा था कि यदि माकपा या अन्य वामपंथी दल अपने बुकस्टॉलों में ‘दुर्गा पूजा’ शब्द की बजाय धर्मनिरपेक्ष शब्द ‘शारदोत्सव’ (शरद ऋतु का उत्सव) का इस्तेमाल करते हैं, तो पूजा कमेटियों को उन्हें पंडाल परिसर में स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए. इसी बयान के बाद से पूरे राज्य में बुक स्टॉलों को लेकर तनातनी का माहौल बना हुआ था.
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