गयाजी में शादी के नाम पर राजस्थान के एक युवक और उसके परिवार से लाखों रुपए की ठगी हो गई। राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले संजय पटवा सोमवार रात परिवार के साथ बेलागंज के दरियापुर गांव बारात लेकर पहुंचे थे। दोनों पक्षों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की सारी रस्में पूरी हुईं, सिंदूरदान हुआ, लेकिन विदाई से पहले दुल्हन और उसका पूरा परिवार लाखों रुपए के गहने, कपड़े और कैश लेकर फरार हो गया। दूल्हे का आरोप है कि उन्होंने दुल्हन को मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल समेत कई गहने और कपड़े दिए थे। इसके अलावा दुल्हन के घर वालों को ऑनलाइन 1.10 लाख रुपए शगुन के रूप में भेजे गए थे। दूल्हे ने बेलागंज थाने में शिकायत की है। दुल्हन की विदाई से पहले लड़की वालों ने संजय पटवा के परिवार से कहा- ‘लड़की कपड़ा बदल रही है’, लेकिन जब लड़की बाहर नहीं आई तो दूल्हे के परिवार वालों को शक हुआ। कमरे में जाकर देखा तो ताला लटका था। सभी फरार हो गए थे। सिलसिलेवार पढ़िए पूरी कहानी कोडरमा की ‘पारो’ थी मास्टरमाइंड पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस पूरे मामले की कथित मास्टरमाइंड झारखंड के कोडरमा की रहने वाली पारो नामक महिला है। पारो ने संजय पटवा और उसके परिवार को गया में एक युवती से शादी कराने का भरोसा दिलाया था। परिजनों का कहना है कि पारो ने बताया था कि बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में एक गरीब परिवार की लड़की है, जिससे वह संजय की शादी करा सकती है। जिसके बाद संजय अपने परिजनों के साथ सोमवार रात कार से बेलागंज पहुंचे। शादी से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए लड़के के घर वालों ने बताया कि वो सोमवार की रात राजस्थान बेलागंज पहुंचे। हमें रिसीव करने एक लड़का आया और हमलोगों को एक गांव ले गया। संजय पटवा ने बताया, “रात करीब 11:30 बजे हम लोग गांव पहुंचे। वहां का माहौल सामान्य नहीं लगा। न बारात के स्वागत में कोई खड़ा था, न ही नाश्ता-पानी बारात को दिया गया। हमलोग जैसे ही पहुंचे जल्दी शादी करने का दबाव बनाया जाने लगा। जब दूल्हे पक्ष ने कुछ समय मांगा तो लड़की पक्ष के लोग नाराज हो गए और कहा कि पहले शादी करनी होगी, नहीं तो शुभ मुहूर्त निकल जाएगा। इसके बाद रात करीब 3:30 बजे जल्दबाजी में हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई। कैश की जगह मांगा ऑनलाइन पेमेंट, गहने भी समेटे पीड़ित दूल्हे ने बताया कि शादी तय होने के दौरान लड़की वालों ने 1.10 लाख रुपए की मांग की थी। संजय ने सुरक्षा के लिहाज से यह रकम कैश न देकर सीधे लड़की के नंबर पर ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा दूल्हे ने दुल्हन को सोने-चांदी का मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल और ढोलना (करीब 90 हजार रुपये के आभूषण) और कीमती कपड़े भी दिए। ’हल्की साड़ी’ पहनाने के बहाने अंदर गई और भाग निकली शादी के अगले दिन यानी मंगलवार सुबह दोनों पक्षों की सहमति से विदाई होनी थी। सुबह जब दूल्हे ने विदाई की बात कही, तो लड़की वालों ने कहा, “सफर लंबा है, शादी का भारी जोड़ा उतारकर लड़की को हल्की साड़ी पहना देते हैं। आप लोग गाड़ी में बैठिए।” दुल्हन अंदर गई, लेकिन 20-25 मिनट तक जब कोई बाहर नहीं आया तो दूल्हे की भाभी अंदर देखने गईं। अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। घर पूरी तरह सूना था, सारे दरवाजे खुले थे और पीछे के रास्ते से दुल्हन लक्ष्मी, चंदीराय, पारो और उसके सभी परिजन गायब हो चुके थे। घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका था। डायल 112 को सूचना, जांच में जुटी पुलिस ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़ित दूल्हे ने तुरंत ‘डायल 112’ को फोन कर मामले की जानकारी दी और बेलागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। बेलागंज के थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। दूल्हे के पास शादी की तस्वीरें और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर पुलिस जालसाजों की तलाश कर रही है।
विदाई से पहले कैश-गहने लेकर दुल्हन फरार:गयाजी में शादी के बहाने राजस्थान के युवक से ठगी, बोला- कपड़ा बदलने गई थी, कब भागी पता नहीं
गयाजी में शादी के नाम पर राजस्थान के एक युवक और उसके परिवार से लाखों रुपए की ठगी हो गई। राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले संजय पटवा सोमवार रात परिवार के साथ बेलागंज के दरियापुर गांव बारात लेकर पहुंचे थे। दोनों पक्षों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की सारी रस्में पूरी हुईं, सिंदूरदान हुआ, लेकिन विदाई से पहले दुल्हन और उसका पूरा परिवार लाखों रुपए के गहने, कपड़े और कैश लेकर फरार हो गया। दूल्हे का आरोप है कि उन्होंने दुल्हन को मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल समेत कई गहने और कपड़े दिए थे। इसके अलावा दुल्हन के घर वालों को ऑनलाइन 1.10 लाख रुपए शगुन के रूप में भेजे गए थे। दूल्हे ने बेलागंज थाने में शिकायत की है। दुल्हन की विदाई से पहले लड़की वालों ने संजय पटवा के परिवार से कहा- ‘लड़की कपड़ा बदल रही है’, लेकिन जब लड़की बाहर नहीं आई तो दूल्हे के परिवार वालों को शक हुआ। कमरे में जाकर देखा तो ताला लटका था। सभी फरार हो गए थे। सिलसिलेवार पढ़िए पूरी कहानी कोडरमा की ‘पारो’ थी मास्टरमाइंड पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस पूरे मामले की कथित मास्टरमाइंड झारखंड के कोडरमा की रहने वाली पारो नामक महिला है। पारो ने संजय पटवा और उसके परिवार को गया में एक युवती से शादी कराने का भरोसा दिलाया था। परिजनों का कहना है कि पारो ने बताया था कि बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में एक गरीब परिवार की लड़की है, जिससे वह संजय की शादी करा सकती है। जिसके बाद संजय अपने परिजनों के साथ सोमवार रात कार से बेलागंज पहुंचे। शादी से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए लड़के के घर वालों ने बताया कि वो सोमवार की रात राजस्थान बेलागंज पहुंचे। हमें रिसीव करने एक लड़का आया और हमलोगों को एक गांव ले गया। संजय पटवा ने बताया, “रात करीब 11:30 बजे हम लोग गांव पहुंचे। वहां का माहौल सामान्य नहीं लगा। न बारात के स्वागत में कोई खड़ा था, न ही नाश्ता-पानी बारात को दिया गया। हमलोग जैसे ही पहुंचे जल्दी शादी करने का दबाव बनाया जाने लगा। जब दूल्हे पक्ष ने कुछ समय मांगा तो लड़की पक्ष के लोग नाराज हो गए और कहा कि पहले शादी करनी होगी, नहीं तो शुभ मुहूर्त निकल जाएगा। इसके बाद रात करीब 3:30 बजे जल्दबाजी में हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई। कैश की जगह मांगा ऑनलाइन पेमेंट, गहने भी समेटे पीड़ित दूल्हे ने बताया कि शादी तय होने के दौरान लड़की वालों ने 1.10 लाख रुपए की मांग की थी। संजय ने सुरक्षा के लिहाज से यह रकम कैश न देकर सीधे लड़की के नंबर पर ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा दूल्हे ने दुल्हन को सोने-चांदी का मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल और ढोलना (करीब 90 हजार रुपये के आभूषण) और कीमती कपड़े भी दिए। ’हल्की साड़ी’ पहनाने के बहाने अंदर गई और भाग निकली शादी के अगले दिन यानी मंगलवार सुबह दोनों पक्षों की सहमति से विदाई होनी थी। सुबह जब दूल्हे ने विदाई की बात कही, तो लड़की वालों ने कहा, “सफर लंबा है, शादी का भारी जोड़ा उतारकर लड़की को हल्की साड़ी पहना देते हैं। आप लोग गाड़ी में बैठिए।” दुल्हन अंदर गई, लेकिन 20-25 मिनट तक जब कोई बाहर नहीं आया तो दूल्हे की भाभी अंदर देखने गईं। अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। घर पूरी तरह सूना था, सारे दरवाजे खुले थे और पीछे के रास्ते से दुल्हन लक्ष्मी, चंदीराय, पारो और उसके सभी परिजन गायब हो चुके थे। घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका था। डायल 112 को सूचना, जांच में जुटी पुलिस ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़ित दूल्हे ने तुरंत ‘डायल 112’ को फोन कर मामले की जानकारी दी और बेलागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। बेलागंज के थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। दूल्हे के पास शादी की तस्वीरें और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर पुलिस जालसाजों की तलाश कर रही है।

