रांची में शादी-विवाह के मौसम के दौरान एलपीजी सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। घरेलू सिलेंडर की जगह केवल कॉमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने से शादी का पूरा बजट प्रभावित हो रहा है। परिवारों को गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) कार्यालय में आवेदन देना पड़ता है, जिसके बाद अनुमति मिलने पर अधिकतम तीन कॉमर्शियल सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं। प्रत्येक सिलेंडर पर सिक्योरिटी राशि और गैस मूल्य मिलाकर लगभग 5650 रुपए का खर्च आता है, जिससे तीन सिलेंडरों पर ही करीब 18 हजार रुपए का बोझ पड़ रहा है। हालांकि सिक्योरिटी राशि खाली सिलेंडर लौटाने पर वापस कर दी जाती है। सिर्फ तीन सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं, जबकि एक शादी समारोह में औसतन 6 से 8 सिलेंडरों की जरूरत होती है। इस बढ़े हुए खर्च का सीधा असर कैटरिंग और होटल व्यवसाय पर भी देखा जा रहा है। जहां प्रति प्लेट भोजन की कीमत 100 से 300 रुपए तक बढ़ गई है।
शादी समारोह में औसतन छह सिलेंडर की जरूरत, मिल रहे सिर्फ तीन, ऊपर से 2400 रुपए सिक्योरिटी मनी जमा करना है, बिगड़ा बजट 9 दिन में 1500 आवेदन आए, 400 ने नहीं लिया सिलिंडर आंकड़ों के मुताबिक, जिला आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय में पिछले 9 दिनों में शादियों के लिए करीब 1500 उपभोक्ताओं ने सिलेंडर का आवेदन दिया। लेकिन इनमें से 400 उपभोक्ताओं ने अनुमति पत्र मिलने के बाद भी सिलेंडर नहीं लिया। मंत्री ने कहा – ऑयल कंपनियों संग करेंगे समीक्षा राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश के तहत कमर्शियल सिलेंडर दिए जा रहे। पर आम लोगों की समस्या को देखते हुए ऑयल कंपनियों के साथ इसकी समीक्षा कर उचित निर्णय लेंगे। बड़ा सवाल: आयोजन व्यवसायिक नहीं तो कमर्शियल गैस क्यों? शादी समारोह के लिए सिलेंडर देने की इस व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब आयोजन पूरी तरह घरेलू है और कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं है, तो उपभोक्ताओं को कमर्शियल सिलेंडर लेने के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है। इससे न केवल आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, बल्कि लोगों के शादी समारोह भी प्रभावित हो रहे हैं।
एलपीजी संकट से कैटरिंग कारोबार पर भी असर रांची में एलपीजी सिलेंडर की कमी और बढ़ती महंगाई ने कैटरिंग और होटल कारोबार को प्रभावित किया है। झारखंड चैंबर की होटल एंड रेस्टोरेंट सब कमेटी के चेयरमैन उत्सव परासर के अनुसार बाजार में सिलेंडर की कमी के कारण कैटरर को मजबूरी में ब्लैक मार्केट से गैस लेनी पड़ रही है। सामान्य रूप से 3200 रुपए का सिलेंडर अब 4000 रुपए तक मिल रहा है। इसके चलते प्रति प्लेट खाने का खर्च करीब 300 रुपए तक बढ़ गया है। साथ ही फूलों की कीमत दोगुनी हो गई है और राशन के दामों में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। कैटरर देवनारायण के अनुसार, गैस की कमी के कारण कई ऑर्डर वे नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। शादी समारोह के लिए ऐसे मिलता है गैस सिलेंडर शादी वाले परिवारों को अतिरिक्त गैस सिलेंडर लेने के लिए शादी का कार्ड और एक आवेदन डीएसओ (जिला आपूर्ति पदाधिकारी) कार्यालय में जमा करना पड़ता है। आवेदन पर डीएसओ की मंजूरी मिलने के बाद उसे संबंधित गैस एजेंसी के पास भेजा जाता है। इसके बाद एजेंसी की ओर से अधिकतम तीन सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते हैं। हालांकि ये सिलेंडर कॉमर्शियल श्रेणी के होते हैं, जिनकी कीमत घरेलू सिलेंडर की तुलना में 5 गुणा अधिक पड़ती है। पिछले 15 दिन में आए आवेदन प्रताप गैस 10 शांतनु गैस 25 इंडेन गैस 20 माधुरी गैस 14 जिनके घर में शादी है, उन लोगों ने क्या कहा… मेरा 50 हजार रु. खर्च बढ़ गया बूटी मोड़ निवासी प्रणय कुमार ने कहा कि 13 मई को मेरी शादी का रिसेप्शन है। गैस सिलेंडर के झंझट से बचने के लिए मैंने कैटरर की सेवा ली। लेकिन कैटरर ने पहले जहां खाने का रेट 600 रुपए प्रति प्लेट तय किया था, अब उसे 700 रुपए प्रति प्लेट कर दिया। यानि हर प्लेट पर मुझे 100 रुपए ज्यादा। 500 लोगों के भोजन के लिए मुझे 50000 रुपए ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। शादी की खुशी में सिलेंडर भारी रातू रोड निवासी शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि मेरे बेटे दीपक कुमार की शादी 12 मई को है, घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने पर डीएसओ कार्यालय में आवेदन देना पड़ा। इसके बाद एजेंसी से तीन कॉमर्शियल सिलेंडर मिले, लेकिन तीन सिलेंडरों पर करीब 18 हजार रुपए खर्च हो गए। शादी में कम से कम 6-8 सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है। शादी जैसे सामाजिक आयोजन के लिए कॉमर्शियल गैस लेने की मजबूरी क्यों है। गैस एजेंसी संचालक बोले… रांची में गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि डीएसओ की अनुमति मिलने पर शादी में अधिकतम 3 कॉमर्शियल सिलेंडर दिए जाते हैं। एक सिलेंडर के लिए करीब 2400 रुपए सिक्योरिटी और 3250 रुपए गैस की कीमत ली जाती है। खाली सिलेंडर लौटाने पर सिक्योरिटी मनी वापस कर दी जाती है।

