खास बातें
WB Crime News: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से फिल्मी स्टाइल में प्रशांत दे हत्याकांड (Prasanta Dey Murder Case) के आरोपी को तहखाने से निकालकर गिरफ्तार कर लिया गया. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा था कि ‘किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जायेगा’. अपराधी चाहे पाताल में छिपे हों, उन्हें वहां से भी पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दिलायी जायेगी. इसके 6 घंटे के भीतर सीआईडी (CID) और हावड़ा ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीम ने हुगली जिले के बागनान में भाजपा नेता प्रशांत दे हत्याकांड के मुख्य आरोपी के दाहिने हाथ माने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता शेख सैफुद्दीन (Sk Saifuddin) को धर दबोचा.
जमीन के नीचे तहखाने से पुलिस ने किया गिरफ्तार
टीएमसी नेता शेख सैफुद्दीन की गिरफ्तारी किसी थ्रिलर फिल्म के सीन जैसी थी. अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि सैफुद्दीन हावड़ा के श्यामपुर में एक घर में छिपा है. पुलिस ने वहां छापेमारी की, तो देखा कि घर के फर्श के नीचे गुप्त भूमिगत स्टोररूम (तहखाना) है. सैफुद्दीन इसी अंधेरे तहखाने में छिपकर बैठा था. पुलिस ने उसे वहां से निकालकर गिरफ्तार किया.
सीएम ने कहा था- अपराधियों को पाताल से भी खींच निकालेंगे
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बागनान के दिवंगत भाजपा नेता प्रशांत दे के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की थी. परिवास के कहा था कि जिन लोगों ने प्रशांत की हत्या की है, वे अगर पाताल में भी छिपे होंगे, तो उन्हें वहां से खींचकर सजा दिलायेंगे. हर एक अपराधी के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलेगा. इस बयान के 6 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी शेख मफीजुल खान के सबसे करीबी सैफुद्दीन को पकड़ लिया गया. इस केस में 51 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें से 11 की गिरफ्तारी हो चुकी है.
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WB Crime News: 17 जून को हुई थी हत्या
17 जून को बंतुल गांव के रहने वाले प्रशांत दे अपने साथियों के साथ एक सामाजिक कार्यक्रम से लौट रहे थे. तभी एंटीला में टीएमसी के कथित उपद्रवियों ने उन पर लाठियों और लोहे की छड़ों से हमला कर दिया. प्रशांत की मौके पर ही मौत हो गयी. उनके 4 अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गये.
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प्रशांत के परिवार को कफन, 5000 रुपए और चिट्ठी भेजी
प्रशांत की हत्या के बाद उनकी पत्नी सोमा को अज्ञात नंबरों से फोन कर कहा गया था- तुम्हारा पति बहुत ज्यादा भाजपा की राजनीति कर रहा था. जाओ उसकी लाश उठा लो. इतना ही नहीं, परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए उनके घर की बालकनी में एक सफेद कफन, 5,000 रुपए और एक चिट्ठी भी छोड़ी गयी थी.
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