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शेखपुरा में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह निषेध के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान बाबा कामेश्वर नाथ (गिरहिंडा पहाड़) और सार्वजनिक श्री अरघौती धाम (शेखपुरा) स्थित मंदिरों में आयोजित किया गया। यहां उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से बाल विवाह रोकने की अपील की गई और इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। पोस्टर और संवाद के माध्यम से किया जागरूक कार्यक्रम के दौरान पोस्टर और संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा है, जो बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती है। मंदिरों के पुरोहितों को भी बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। उनसे अपील की गई कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह संपन्न न कराएं और सरकार के कानूनों का पालन करें। इंजीनियर सचिन सौरभ ने बताया कि बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर गंभीर असर पड़ता है। कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे मातृत्व संबंधी जटिलताएं बढ़ती हैं। साथ ही, उनकी शिक्षा बाधित होती है, जो उनके आत्मनिर्भर भविष्य को प्रभावित करती है। विवाह में शामिल होने पर दो वर्ष की सजा और जुर्माना उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कई लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी नहीं होती। इस कानून के तहत नाबालिग की शादी कराना दंडनीय अपराध है। विवाह में शामिल कोई भी व्यक्ति चाहे वह बाराती, परिजन, कैटरर, डेकोरेटर, बैंड-बाजा कर्मी, मैरेज हॉल संचालक या विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित/मौलवी हों—सभी पर कार्रवाई की जा सकती है। इस कानून में दो वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इंजीनियर सौरभ ने आगे कहा कि जागरूकता बढ़ने के कारण अब लोग स्वयं बाल विवाह की सूचना प्रशासन को दे रहे हैं और तत्काल कार्रवाई भी हो रही है। बाल विवाह की सूचना टोल-फ्री चाइल्ड हेल्पलाइन पर दें इसे एक सकारात्मक बदलाव बताते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2030 तक शेखपुरा को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।।कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है। तो इसकी जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को दें या टोल-फ्री चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क करें।इस जागरूकता अभियान में समाजसेवी सचिन सौरभ, जिला मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ सजल कुमार एवं जेंडर स्पेशलिस्ट रूपेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।अंत में सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ जागरूक बनें और समाज को इस बुराई से मुक्त कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

