![]()
नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में हुई सांप्रदायिक हिंसा और प्रशासन द्वारा लगाए गए कर्फ्यू का सीधा असर भारत-नेपाल सीमा पर दिख रहा है। सीतामढ़ी जिले के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर मिठ्ठामोड़ सीमा से नेपाल जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने आवाजाही पर लगाया प्रतिबंध जनकपुरधाम में माता जानकी के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु सीमा पर ही रुकने को मजबूर हैं। इसके साथ ही, स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। नेपाल के कई सीमावर्ती इलाकों में हिंसा के बाद प्रशासन ने आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे सीमा पार आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जनकपुरधाम जाने के लिए सीतामढ़ी पहुंचे थे। हालांकि, सीमा पार करने में असमर्थ होने के कारण उन्हें निराशा के साथ इंतजार करना पड़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती और नेपाल में व्याप्त तनावपूर्ण माहौल के चलते लोग फिलहाल यात्रा करने से बच रहे हैं। सीमा पर आवाजाही लगभग ठप गोरखपुर से आए श्रद्धालु राकेश कुमार ने बताया, “हम माता सीता के दर्शन के उद्देश्य से जनकपुरधाम आए थे, लेकिन सीमा पर रोक दिए जाने के कारण आगे नहीं जा सके। हम काफी दूर से श्रद्धा लेकर आए हैं और उम्मीद करते हैं कि हालात जल्द सामान्य होंगे ताकि दर्शन कर सकें।” मिठ्ठामोड़ सीमा के एक स्थानीय दुकानदार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “सीमा पर आवाजाही लगभग ठप हो गई है। ग्राहकों के न आने से दुकानदारी पूरी तरह चौपट हो गई है। रोज कमाने-खाने वाले लोगों के सामने अब परिवार चलाने की चिंता खड़ी हो गई है।” एक टेंपो चालक ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हमारी पूरी कमाई सीमा पार आने-जाने वाले यात्रियों पर निर्भर करती है। कई दिनों से सवारी नहीं मिल रही है, जिससे गाड़ी खड़ी है और घर चलाना मुश्किल हो गया है।” सीमा पर तैनात सुरक्षा बल लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। प्रशासन लोगों से अफवाहों से बचने और यात्रा से पहले नेपाल की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेने की अपील कर रहा है। नेपाल में हालात सामान्य होने तक भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही प्रभावित रहेगी।
