सकरी-हसनपुर रेल प्रोजेक्ट को पूर्व निर्धारित मार्ग से पूरा करने और कुशेश्वरस्थान को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग को लेकर मंगलवार को कुशेश्वरस्थान बाजार पूरी तरह बंद रहा। बंद का असर देखने को मिला। स्थानीय व्यवसायियों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए रेल परियोजना के पक्ष में एकजुटता दिखाई।
बाजार बंदी के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सांसद शांभवी चौधरी और स्थानीय विधायक अतिरेक कुमार के खिलाफ हाय-हाय और मुर्दाबाद के नारे लगाए। आंदोलनकारियों का आरोप था कि वर्षों पुरानी और क्षेत्र के विकास से जुड़ी इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना की उपेक्षा की जा रही है, जिससे लाखों लोगों की उम्मीदों को झटका लग रहा है। रामविलास पासवान के सपने को पूरा करने की मांग
बाजार बंदी के दौरान सभा भी हुई, जिसमें कुशेश्वरस्थान नगर पंचायत के मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान ने कहा कि कुशेश्वरस्थान तक रेल सेवा पहुंचाना पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री रामविलास पासवान का सपना था। आज उस सपने को साकार करने के बजाय उसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। क्षेत्र की जनता अपने अधिकार और विकास के लिए संघर्ष कर रही है और किसी भी कीमत पर रेल परियोजना को अधर में नहीं लटकने देगी।
क्षेत्र के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार: ललितेश्वर पासवान
कॉमरेड ललितेश्वर पासवान ने कहा कि कुशेश्वरनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र और रामविलास पासवान ने जिस सकरी-हसनपुर रेल लाइन की परिकल्पना की थी, वह आज भी अधूरी है। सरकार को इस परियोजना को मूल स्वरूप में पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए।
विकास से जुड़ा है रेल परियोजना का सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता सज्जन राय, प्रोफेसर शशिनाथ, पूर्व सरपंच रामसागर चौपाल समेत कई वक्ताओं ने कहा कि यह केवल रेल लाइन निर्माण का मुद्दा नहीं है, बल्कि क्षेत्र के विकास का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि रेल संपर्क स्थापित होने से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और इलाके की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पक्षी विहार के नाम पर रोकी जा रही परियोजना
आंदोलन का नेतृत्व करने वाले प्रशांत कुमार ने कहा कि हरिनगर से कुशेश्वरस्थान के बीच महज 4 से 5 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण कार्य शेष है। उन्होंने आरोप लगाया कि पक्षी विहार के नाम पर परियोजना को रोककर लाखों लोगों को गुमराह किया जा रहा है। आंदोलन केवल एक दिन की बाजार बंदी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रहेगा, जब तक कि पूर्व निर्धारित मार्ग पर रेल परियोजना का कार्य शुरू नहीं हो जाता।
17 जून को होगी महापंचायत
प्रशांत कुमार ने घोषणा की कि आंदोलन के अगले चरण के तहत 17 जून को वैष्णवी दुर्गा मंदिर परिसर में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस महापंचायत में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, किसानों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी और रेल परियोजना को लेकर आगे की लड़ाई का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
सैकड़ों लोगों की रही भागीदारी बाजार बंदी और प्रदर्शन कार्यक्रम में भूषण हजारी, विजय पासवान, कुमार शेखर, कक्कू अग्रवाल, गौरी शंकर चौधरी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में सकरी–हसनपुर रेल परियोजना को पुराने चयनित मार्ग से पूरा करने और कुशेश्वरस्थान में जल्द से जल्द रेल सेवा शुरू करने की मांग दोहराई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार और रेलवे प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


