Tuesday, March 31, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

सड़क-नालियों का निर्माण नहीं कराया तो करेंगे आंदोलन-वार्ड सदस्य:धोबघट गांव में 15 साल से ग्रामीण परेशान, बारिश से लगता पानी


जमुई के गिद्धौर प्रखंड की कोल्हुआ पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित धोबघट गांव में पिछले 15 वर्षों से सड़क की बदहाली, जलजमाव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के सरकारी दावे यहां खोखले साबित हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। गांव की मुख्य सड़क की हालत इतनी जर्जर है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। दोपहिया और चारपहिया वाहन अक्सर कीचड़ में फंस जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण वर्षों पहले तकनीकी खामियों के साथ किया गया था। सड़क के दोनों किनारों को ऊंचा और बीच के हिस्से को नीचा छोड़ने के कारण जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। हल्की बारिश होते ही सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जो कई दिनों से लेकर महीनों तक सड़ता रहता है। इस जलजमाव से आसपास दुर्गंध फैलती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। चार से पांच गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग यह सड़क चार से पांच गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, लेकिन बरसात के समय पूरा इलाका टापू में तब्दील हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को झेलनी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है, और गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस तक गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे उनकी जान पर बन आती है। स्थानीय निवासी विकास कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान इस सड़क से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है। वाहनों के गुजरने पर कीचड़ के छींटे राहगीरों पर पड़ते हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। वहीं वार्ड सदस्य सच्चिदानंद मिश्रा और जयकिशोर सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सड़क का सुदृढ़ीकरण और पक्की नालियों का निर्माण नहीं कराया गया, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। सड़क को ऊंचा कर पक्की नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से झेल रहे इस संकट से उन्हें राहत मिल सके और गांव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।

Spread the love

Popular Articles