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बिहार विधानसभा में शुक्रवार को भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के बजट पर चर्चा हुई। इस दौरान सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने सरकार के पक्ष में अपनी बात रखी और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बजट अवैध खनन पर सख्ती, पारदर्शी ई-नीलामी और तकनीक आधारित निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक मंडल ने स्पष्ट किया कि बिहार में खनन माफियाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप का खंडन किया कि राजस्व और खनन विभाग केवल संग्रहण तक सीमित हैं। विधायक के अनुसार, ये विभाग राज्य की वित्तीय रीढ़ हैं, जिनके सशक्त होने से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और समाज कल्याण जैसी योजनाएं मजबूत होती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने राजस्व रिसाव को रोकने के लिए कई ठोस उपाय किए हैं। इनमें ड्रोन सर्विलांस, जीपीएस ट्रैकिंग और ऑनलाइन परमिट प्रणाली का कार्यान्वयन शामिल है। भूमि सुधार के क्षेत्र में, बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल बनाना, ऑनलाइन म्यूटेशन, डिजिटल भूमि अभिलेख और भू-नक्शों का आधुनिकीकरण शामिल है। विकास के साथ राजस्व में होगी वृद्धि इन कदमों से नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व लक्ष्य बढ़ाए जाने पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए विधायक ने कहा कि बिहार प्रगति कर रहा है। राज्य में उद्योग आ रहे हैं और निर्माण गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे विकास के साथ राजस्व में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल राजस्व संग्रह बढ़ाएगा, बल्कि खनन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई विधायक ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पहले व्यवस्था को बंधक बनाए हुए थे, वे आज नैतिकता की बात कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी और अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, भले ही वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। अंत में, विधायक मंडल ने कहा कि यह बजट स्पष्ट संदेश देता है कि बिहार में संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और न्यायपूर्ण उपयोग होगा। उन्होंने इस बजट को राज्य की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया, जो विकास, पारदर्शिता और सशक्त प्रशासन का प्रतीक है।


