
भागलपुर से संजीव झा की रिपोर्ट
Khagaria Purnia Four Lane Project: भागलपुर: सीमांचल और कोसी के लाखों लोगों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर आई है. खगड़िया से पूर्णिया तक बनने वाले फोर लेन हाईवे को आखिरकार केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है. करीब 3936.05 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना सिर्फ सड़क चौड़ी करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि हर साल बाढ़, जाम और दुर्घटनाओं से जूझने वाले लोगों की सबसे बड़ी परेशानी का समाधान भी करेगी.
सबसे बड़ी बात यह है कि इस परियोजना में कोसी और गंगा क्षेत्र की बाढ़ को ध्यान में रखते हुए विशेष इंजीनियरिंग तकनीक अपनाई जाएगी. यानी सड़क को इस तरह विकसित किया जाएगा कि बारिश और बाढ़ के दौरान भी आवागमन कम से कम प्रभावित हो. इसके साथ ही वर्तमान हाईवे के तीखे मोड़ों और संकरे हिस्सों को भी दुरुस्त किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है.
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति से मिली मंजूरी
खगड़िया-पूर्णिया फोर लेन परियोजना को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने मंजूरी दे दी है. यह परियोजना वर्तमान एनएच-31 और एनएच-231 को दो लेन से चार लेन में अपग्रेड करेगी. यह सड़क खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जैसे महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगी. लंबे समय से इस परियोजना की मांग की जा रही थी क्योंकि मौजूदा सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक और खराब ज्यामिति के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी.
अब आधे समय में पूरा होगा सफर
आज की स्थिति में खगड़िया से पूर्णिया तक पहुंचने में आमतौर पर साढ़े तीन से चार घंटे का समय लग जाता है. फोर लेन बनने के बाद यही दूरी लगभग डेढ़ से दो घंटे में पूरी की जा सकेगी. इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और परिवहन लागत में भी कमी आएगी.
तेज और सुरक्षित यात्रा का सीधा फायदा व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के आवागमन से जुड़े लाखों लोगों को मिलेगा.
हर साल बाढ़ से होने वाली परेशानी पर रहेगा खास फोकस
कोसी और गंगा का इलाका हर वर्ष बाढ़ की चुनौती झेलता है. कई जगह सड़क पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित होता है. नई परियोजना में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और मजबूत सड़क संरचना विकसित की जाएगी ताकि हाईवे सालभर उपयोग में रह सके.
इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार करते समय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विशेष अध्ययन किया जाएगा. इसका उद्देश्य सड़क को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाना है.
खतरनाक मोड़ों को किया जाएगा सुरक्षित
मौजूदा हाईवे के कई हिस्सों में तीखे मोड़ और संकरे हिस्से दुर्घटनाओं की बड़ी वजह रहे हैं. नई परियोजना के तहत ऐसे स्थानों का ज्यामितीय सुधार किया जाएगा. सड़क की चौड़ाई बढ़ने के साथ मोड़ों को सुरक्षित बनाया जाएगा ताकि वाहन आसानी से गुजर सकें और हादसों का खतरा कम हो.
किसानों और कारोबारियों के लिए क्यों है बड़ी खुशखबरी
यह फोर लेन परियोजना बिहार के कृषि प्रधान इलाकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. खगड़िया का केला और पूर्णिया का मखाना देशभर में अपनी पहचान रखते हैं. लेकिन खराब सड़क और लंबी यात्रा के कारण किसानों और व्यापारियों को समय और लागत दोनों का नुकसान उठाना पड़ता है.
फोर लेन बनने के बाद कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे. इससे खराब होने वाली उपज में कमी आएगी और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी. परिवहन आसान होने से स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी.
Khagaria Purnia Four Lane Project: पीएम गति शक्ति योजना से भी जुड़ेगा हाईवे
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी. नया फोर लेन कॉरिडोर पांच पीएम गति शक्ति आर्थिक केंद्रों और 11 लॉजिस्टिक्स केंद्रों को जोड़ने का काम करेगा. इनमें चार रेलवे स्टेशन, एक एयरपोर्ट, चार राष्ट्रीय राजमार्ग और दो राज्य राजमार्ग शामिल हैं.
बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों, परिवहन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं.
सीमांचल और कोसी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार
यह परियोजना खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ अंतरराज्यीय यातायात को भी आसान बनाएगी. हाईवे टेक्सटाइल क्लस्टर, मेगा फूड पार्क और सीफूड पार्क जैसे आर्थिक केंद्रों से जुड़कर औद्योगिक गतिविधियों को गति देगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की सबसे मजबूत नींव होता है. ऐसे में यह परियोजना आने वाले वर्षों में सीमांचल और कोसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है.
मंत्रिमंडलीय मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. निर्माण कार्य शुरू होने के बाद विभिन्न चरणों में सड़क का विस्तार, ज्यामितीय सुधार और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े इंजीनियरिंग कार्य किए जाएंगे. स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा हो ताकि वर्षों पुरानी इस मांग का लाभ जल्द मिल सके.
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