Sunday, March 29, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

समता, न्याय और प्रेम का वास है रामराज्य : आचार्य धर्मराज

समता, न्याय और प्रेम का वास है रामराज्य : आचार्य धर्मराज

प्रतिनिधि, अनगड़ा.

श्रीराम मंदिर जोन्हा में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का नौवें दिन रामराज्य स्थापना प्रसंग के साथ संपन्न हुआ. कथा व्यास आचार्य धर्मराज शास्त्री ने लंका कांड का अत्यंत रोमांचक वर्णन करते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक ”रावण वध” का प्रसंग सुनाया. इसके पश्चात लंका विजय कर भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी और उनके राज्याभिषेक का अत्यंत मनमोहक व सजीव वर्णन किया. व्यास जी ने रामराज्य की महिमा का बखान करते हुए समाज को महत्वपूर्ण शिक्षा दी. उन्होंने कहा कि रावण का वध केवल एक राक्षस का अंत नहीं, बल्कि हमारे भीतर छिपे अंहकार, क्रोध और बुराइयों का नाश है. श्रीराम का चरित्र हमें अधिकारों की लालसा से हटकर त्याग, प्रेम, विनम्रता और कर्तव्यों के निर्वहन की सर्वोच्च शिक्षा देता है. रामराज्य एक ऐसी आदर्श व्यवस्था है, जहां समता, न्याय और प्रेम का वास होता है. इस दौरान पूरा पंडाल ””जय श्रीराम”” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर हो गये. कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो, जिप अध्यक्ष निर्मला भगत, भाजपा नेता जैलेंद्र कुमार, सुशील महतो, अविनाश कुमार, राधेश्याम साहू, बुधराम बेदिया, सुधीर साहू, मनीषनाथ, प्रो पल्लवी उपस्थित थे. अंतिम दिन महाआरती व भव्य भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता रही. अनुष्ठान को सफल बनाने में अध्यक्ष बलराम साहू, कार्यक्रम संयोजक संतोष साहू, सीताराम साहू, मधुसूदन साहू, प्रदीप साहू, अजय मंडल, अमर मंडल, मिथलेश मंडल, उदय साहू, परमेश्वर साहू, दीनदयाल साहू, विनोद मिश्रा, निवारण साहू, विकास साहू, कन्हाई साहू, संदीप साहू, श्रीराम साहू व श्रद्धालुओं ने योगदान दिया.

जोन्हा में नौ दिवसीय श्रीराम कथा संपन्नB

The post समता, न्याय और प्रेम का वास है रामराज्य : आचार्य धर्मराज appeared first on Prabhat Khabar.

Spread the love

Popular Articles