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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालयों का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। समस्तीपुर में 20 मॉ़डल स्कूलों की शुरुआत की गई है। इसके तहत एक कार्यक्रम शिवाजी नगर से संचालित हुआ। शिवाजीनगर प्रखंड स्थित सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय प्लस टू उच्च विद्यालय में भी एक उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस विद्यालय में मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया गया। इस वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम को जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक देखा। यह योजना राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा मिलेगी कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के हेड मास्टर रविन्द्र कुमार ने की। उन्होंने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया और कहा कि बिहार सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यालय को उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए नई उम्मीद बताया। वक्ताओं ने कहा कि आदर्श विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन और अनुशासित शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी। समारोह में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रामजन्म सिंह, बीस सूत्री अध्यक्ष संतोष कुमार बब्ली, मुखिया सुनैना देवी, पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, समाजसेवी संतोष कुमार सिंह, बीस सूत्री उपाध्यक्ष किशोरी प्रसाद सिंह, रविंद्र सिन्हा, योगाचार्य डॉ. रमाकांत सिंह, पूर्व प्राचार्य कुंडेश्वर प्रसाद सिंह, संतोष कुमार शांति भूषण, शंभू झा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इस दौरान मॉडल सेक्शन के चयनित 40 छात्र-छात्राओं की विशेष उपस्थिति रही। समारोह के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण का माहौल बना रहा।

