Thursday, July 16, 2026

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सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज अब बनेंगे ‘BIT’, पॉलिटेक्निक ‘JIT’:झारखंड में बदलेगा सरकारी तकनीकी कॉलेजों का ब्रांड नेम, बीआईटी के साथ जिला या स्थान के नाम जोड़े जाएंगे


झारखंड के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों की एक नई पहचान होगी। राज्य सरकार ने बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) सिंदरी की तरह अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों को नया ब्रांड नाम देने का फैसला लिया है। यानी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज दुमका अब बीआईटी दुमका के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह अन्य सभी नौ इंजीनियरिंग कॉलेजों का भी अब नया ब्रांड नाम बीआईटी होगा। वहीं राजकीय पॉलिटेक्निक अब जेआईटी (झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के नाम से जाने जाएंगे। जैसे राजकीय पॉलिटेक्निक धनबाद का नया नाम जेआईटी धनबाद हो जाएगा। बीआईटी हो या जेआईटी, उनका नामकरण संबंधित जिला/स्थान के नाम पर होगा। यही नहीं, शोध और पढ़ाई के लिए इन संस्थानों को बेहतर संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। हर संस्थान में वहां की जरूरत को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। इस तरह राज्य में 9 बीआईटी और 30-35 जेआईटी होंगे। जेआईटी में केवल डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई होगी। वहीं बीआईटी में डिग्री से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई होगी। हब के रूप में काम करेंगे BIT, JIT बनेगा स्पोक बीआईटी बनने के बाद इंजीनियरिंग कॉलेज हब के रूप में काम करेंगे। इनमें कोर ब्रांच की पढ़ाई होगी और पीएचडी तक रिसर्च की सुविधा होगी। बीआईटी में डिप्लोमा की पढ़ाई नहीं होगी। वहीं जेआईटी बनने वाले पॉलिटेक्निक कॉलेज इन इंजीनियरिंग कॉलेजों के अंतर्गत स्पोक के रूप में जुड़े रहेंगे। इन संस्थानों में एप्लाइड और एलाइड ब्रांच (जैसे-मैकेनिकल की जगह मेक्ट्रोनिक्स) और डिप्लोमा की पढ़ाई होगी। राज्य में 17 पुराने पॉलिटेक्निक संस्थान हैं और 8 नए बने हैं। एक अन्य पॉलिटेक्निक कल्याण विभाग से है। 5-7 कॉलेज और बन रहे हैं। इस तरह राज्य में आगे चलकर 30-35 जेआईटी हो जाएंगे। उद्योग की जरूरत के अनुसार डिजाइन किए जाएंगे नए कोर्स नए बीआईटी में पारंपरिक कोर्सेज की जगह एआई, क्रिटिकल मिनरल, एनर्जी स्टोरेज, सेमीकंडक्टर, मैकाट्रॉनिक्स और आधुनिक इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से कोर्स तैयार किए जाएंगे। नया सिलेबस डिजाइन करने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेषज्ञ समिति बनेगी। माइनिंग जैसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग विषय की पढ़ाई बीआईटी सिंदरी में हो रही है। इसी तरह अन्य पॉलिटेक्निक कॉलेजों के स्तर को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसी तरह भारी उद्योगों के लिए प्रसिद्ध जमशेदपुर में ऑटोमोबाइल से जुड़े कोर्स हो सकते हैं। बीआईटी सिंदरी में बनेंगे तीन नए हॉस्टल, क्षमता भी बढ़ेगी बीआईटी सिंदरी को विश्व स्तरीय संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 3 नए हॉस्टल का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें 2 बॉयज और 1 गर्ल्स हॉस्टल हैं। हर हॉस्टल की क्षमता 300-300 विद्यार्थियों की होगी। अभी संस्थान की क्षमता 4200 विद्यार्थियों की है, जिसे साल 2028 तक बढ़ाकर 5000 करने का लक्ष्य है। नया एमटेक प्रोग्राम इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग इसी साल से शुरू किया गया है। इसमें कुल 18 सीटें हैं, जिनमें एडमिशन भी शुरू हो चुके हैं। आईआईटी-एनआईटी की तरह नया मॉडल विकसित करने की तैयारी आईआईटी और एनआईटी की तर्ज पर एक नया गवर्नेंस मॉडल विकसित करने की तैयारी है। बीआईटी चूंकि ब्रांड नेम है, इसलिए राज्य के अन्य सभी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बीआईटी और पॉलिटेक्निक संस्थान जेआईटी के रूप में विकसित किए जाएंगे। बीआईटी हब के रूप में काम करेंगे और जेआईटी उनके स्पोक होंगे। -राहुल पुरवार, प्रधान सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, झारखंड सरकार

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