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पंजाब के गुरदासपुर स्थित एक स्पिरिट फैक्ट्री में काम करने के दौरान हादसे में सहरसा के मजदूर की मौत हो गई। शनिवार की सुबह मृतक का शव एंबुलेंस से बटराहा मोहल्ला पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान नगर निगम के वार्ड नंबर 35 स्थित बटराहा मोहल्ला निवासी चंद्र यादव के बेटे विपिन यादव(40) के रूप में हुई है। 2 साल से स्पिरिट फैक्ट्री में करता था काम विपिन पंजाब के गुरदासपुर स्थित एक स्पिरिट फैक्ट्री में मजदूरी करता था। वह पिछले दो वर्षों से वहां काम कर रहा था। हालांकि,परिजनों के अनुसार वह छह महीने पहले ही दोबारा फैक्ट्री में काम करने के लिए सहरसा से पंजाब गया था। घटना 22 अक्टूबर की सुबह की है। फैक्ट्री में मशीन का फीता चढ़ाने के दौरान उसका दाहिना हाथ बुरी तरह कट गया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का आरोप मृतक के बड़े दामाद ब्रजेश कुमार ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के कारण विपिन की जान गई है। परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक परिवार को किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया है। घटना के बाद शव को एंबुलेंस से सहरसा भेज दिया गया। इधर, घटना की जानकारी मिलने पर जिला परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने बिहार सरकार से पंजाब सरकार के साथ बातचीत कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। वहीं,राजद के नगर अध्यक्ष इंजीनियर कौशल यादव ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।उन्होंने कहा कि बिहार के मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर हैं,जहां आए दिन उनकी जान जा रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की। विपिन दो भाइयों में सबसे बड़ा था परिवार में वही एकमात्र कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों को चिंता सता रही है कि अब घर का खर्च और बच्चों की परवरिश कैसे होगी।
सहरसा के मजदूर की पंजाब फैक्ट्री में मौत:मशीन का फीता चढ़ाते वक्त कटा हाथ, परिवार ने 50 लाख मुआवजे की मांग की
