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सहरसा जिला प्रशासन ने शादी-ब्याह के आयोजनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने और शादी के सीजन में बढ़ती कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्देश जारी किया गया। बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के क्षेत्रीय प्रबंधक, गैस एजेंसी संचालक और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण कराना होगा जिलाधिकारी ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि अब वैवाहिक समारोहों में केवल वाणिज्यिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडर का ही उपयोग किया जाएगा। इसके लिए कैटरर्स और रसोइयों को 5 से 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण कराना होगा। जिन परिवारों में शादी है, उन्हें विवाह कार्ड के साथ अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन में मेहमानों की संख्या और आवश्यक गैस सिलेंडरों की मांग का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। सिलेंडर की उपलब्धता और SDO की अनुशंसा के आधार पर ही आपूर्ति की जाएगी। 16 हजार से अधिक गैस बुकिंग लंबित पाई गईं बैठक में गैस आपूर्ति की समीक्षा के दौरान एजेंसियों की लापरवाही सामने आई। जिले में कुल 16 हजार से अधिक गैस बुकिंग लंबित पाई गईं, जिनमें इंडेन की 7,988, एचपी गैस की 6,081 और भारत गैस की 2,562 बुकिंग शामिल हैं। औसतन 3 से 4 दिनों का बैकलॉग दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी ने कालाबाजारी रोकने के लिए सभी गैस एजेंसियों पर तैनात दंडाधिकारियों को प्रतिदिन निगरानी करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, तेल कंपनियों को गैस आपूर्ति में निरंतरता बनाए रखने और लंबित बुकिंग को जल्द से जल्द समाप्त करने की सख्त हिदायत दी गई है। आम उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासन ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण उत्पन्न वैश्विक गैस संकट का भी उल्लेख किया। अधिकारियों और आम जनता से उपलब्ध संसाधनों का संयमित और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन का यह कदम गैस वितरण में पारदर्शिता लाने और आम उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


